रांची : राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में आयोजित होने वाले भव्य कृषि-व्यापार मेले की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री ने सोमवार को मेले के आयोजन स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
यह तीन दिवसीय कृषि-व्यापार मेला 16 जून से शुरू होकर 18 जून तक चलेगा। मेले के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत कृषि यंत्रों और कृषि क्षेत्र में उपलब्ध नई संभावनाओं से परिचित कराया जाएगा।
तैयारियों की हुई विस्तृत समीक्षा
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने विभाग के सचिव अबु बक्कर सिद्दीख, कृषि निदेशक बिद्यानंद शर्मा पंकज, मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार, समेति निदेशक विकास कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, प्रदर्शनी स्टॉल, पार्किंग, पेयजल, आगंतुकों की सुविधा और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसानों और आम लोगों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने का प्रयास
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कृषि-व्यापार मेला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि मेले में किसान आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत उपकरणों, नवाचारों और कृषि व्यवसाय से जुड़ी नई संभावनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही उन्हें देशभर से आने वाले विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर भी मिलेगा।
कृषि विशेषज्ञ देंगे खेती के नए गुर
मेले के दौरान प्रतिदिन विभिन्न विषयों पर तकनीकी सत्र और परिचर्चा आयोजित की जाएगी। इन सत्रों में देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले कृषि विशेषज्ञ किसानों को आधुनिक खेती, कम लागत में अधिक उत्पादन और कृषि व्यवसाय के नए मॉडल की जानकारी देंगे।
विशेषज्ञ किसानों की समस्याओं का समाधान भी साझा करेंगे, जिससे उन्हें अपनी खेती को अधिक उत्पादक और लाभदायक बनाने में मदद मिलेगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे आकर्षण का केंद्र
कृषि और व्यापार से जुड़े कार्यक्रमों के साथ-साथ मेले में सांस्कृतिक गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक शाम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे, जो आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे।
सभी 24 जिलों के किसान होंगे शामिल
इस मेले में झारखंड के सभी 24 जिलों से किसान प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। उद्देश्य यह है कि यहां प्रदर्शित आधुनिक तकनीकों और नवाचारों की जानकारी राज्य के दूर-दराज क्षेत्रों तक पहुंच सके।
सरकार ने किसानों, कृषि उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, कृषि स्टार्टअप से जुड़े युवाओं और आम नागरिकों से मेले में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है।
