आरा: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। दूसरी ओर मृतक के परिजनों ने दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। भरत तिवारी की मां आशा देवी ने गुरुवार से आमरण अनशन शुरू करने का निर्णय लिया है।

दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी तक जारी रहेगा अनशन

परिजनों के अनुसार भरत तिवारी के घर के सामने एक पेड़ के नीचे आमरण अनशन किया जाएगा। आशा देवी ने कहा कि जब तक मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और उनकी गिरफ्तारी नहीं की जाती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।

इस अनशन में भरत तिवारी की बहन रूबी कुमारी, भाई चंदन तिवारी, बसंत तिवारी तथा परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल होंगे। इससे पहले बुधवार को परिजनों ने न्यायालय में अपना बयान भी दर्ज कराया था।

न्यायिक जांच आयोग ने शुरू की कार्रवाई

एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच कर रहे सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा ने बताया कि आरा स्थित जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय परिसर में न्यायिक जांच आयोग का कार्यालय स्थापित कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ बैठक कर जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। आयोग को छह महीने के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपनी है।

घटना की पृष्ठभूमि और पुलिस कार्रवाई की होगी जांच

विनोद कुमार सिन्हा ने बताया कि जांच का मुख्य उद्देश्य घटना की पूरी पृष्ठभूमि, घटनाक्रम और उन परिस्थितियों की पड़ताल करना है, जिनके कारण यह घटना हुई। साथ ही 17 जून को बिलौटी में हुई पुलिस कार्रवाई की भी विस्तृत जांच की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

जल्द दर्ज होंगे गवाहों के बयान

जांच आयोग ने गवाहों को समन जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने बताया कि वह पहले ही पीड़ित परिवार के घर जाकर उनसे मुलाकात कर चुके हैं और पूरे मामले की जानकारी ली है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पक्ष जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंपने का प्रयास किया जाएगा।

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