रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता मृदुल राज ने नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा प्रस्तुत विजन 2050 की सराहना करते हुए इसे झारखंड के भविष्य की नई दिशा बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट है कि झारखंड की पहचान अब केवल खनिज संपदा से नहीं, बल्कि ज्ञान, नवाचार और युवाओं की प्रतिभा से बनेगी।

‘माइंस नहीं, माइंड्स’ होगा झारखंड की नई पहचान

कांग्रेस प्रवक्ता मृदुल राज ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में झारखंड को संसाधन आधारित नहीं, बल्कि ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने का विजन रखा है। उनके अनुसार शोध, नवाचार, तकनीक और युवाओं की क्षमता राज्य के विकास की सबसे बड़ी ताकत होगी।

भाजपा के कार्यकाल पर उठाए सवाल

मृदुल राज ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके शासनकाल में झारखंड को केवल खनिज संपदा के रूप में देखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा, कौशल विकास, तकनीक, अनुसंधान और युवाओं के रोजगार जैसे विषयों को प्राथमिकता नहीं दी गई।

उन्होंने कहा कि ‘मोमेंटम झारखंड’ के नाम पर बड़े निवेश और औद्योगिक विकास के दावे किए गए, लेकिन भाजपा को यह बताना चाहिए कि उन समझौता ज्ञापनों में से कितने धरातल पर उतरे, कितने उद्योग स्थापित हुए और राज्य के युवाओं को कितना स्थायी रोजगार मिला।

ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था पर सरकार का फोकस

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान महागठबंधन सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप, डिजिटल गवर्नेंस, कौशल विकास और अनुसंधान को बढ़ावा देकर झारखंड को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने झारखंड की धरती के नीचे मौजूद खनिज संपदा को महत्व दिया, जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य के युवाओं की प्रतिभा और क्षमता को सबसे बड़ी ताकत बनाकर झारखंड को देश की नई “माइंड कैपिटल” बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

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