नई दिल्ली/रांची: नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का अलग अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। औद्योगिक निवेश, सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के संबोधन के साथ-साथ उनका पारंपरिक और आकर्षक परिधान भी लोगों का ध्यान खींचता रहा।

सोहराय कला से सजा गमछा बना आकर्षण का केंद्र

आमतौर पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में कुर्ता-पायजामा या पैंट-शर्ट में नजर आने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस बार अपने गले में झारखंड की पारंपरिक सोहराय कला से सजा गमछा पहने दिखाई दिए। उनके इस विशेष अंदाज ने न केवल उनके व्यक्तित्व को अलग पहचान दी, बल्कि राष्ट्रीय मंच पर झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित किया।

गमछे पर उकेरी गई सोहराय कला की पारंपरिक आकृतियां लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहीं। कार्यक्रम में मौजूद कई लोगों ने मुख्यमंत्री के इस पारंपरिक और आधुनिक शैली के समन्वय की सराहना की।

निवेश के साथ संस्कृति का भी दिया संदेश

नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड को निवेश और तकनीकी विकास का नया केंद्र बनाने का विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि राज्य की नई पहचान केवल ‘माइंस’ नहीं बल्कि ‘माइंड्स’ से बनेगी।

मुख्यमंत्री ने अनुसंधान, नवाचार, तकनीक और युवाओं की प्रतिभा को झारखंड के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था पर जोर दिया।

स्टाइल स्टेटमेंट भी बना चर्चा का विषय

दो दिवसीय इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य झारखंड में निवेश को बढ़ावा देना और उद्योग जगत के साथ नई साझेदारियां स्थापित करना है। हालांकि निवेश प्रस्तावों और नीतिगत चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पारंपरिक गमछे वाला स्टाइल स्टेटमेंट भी लोगों के बीच खासा चर्चित रहा। उनके इस लुक को झारखंड की सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक सोच के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

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