रांची : राजधानी रांची स्थित आरएसएस कार्यालय पर हुए चर्चित पेट्रोल बम हमले की जांच में रांची पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। मामले में गिरफ्तार आरोपी अमन अंसारी उर्फ गोलू ने पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। आरोपी ने पुलिस को बताया कि यह वारदात आवेश राजपूत उर्फ राणा जी और सहजाद उर्फ शाहनवाज के निर्देश पर अंजाम दी गई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने यह भी बताया कि पेट्रोल बम हमले के दौरान घटना का वीडियो बनाने का निर्देश भी राणा जी की ओर से दिया गया था। इसके बदले तीनों आरोपियों को 50-50 हजार रुपये देने की बात तय हुई थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे की साजिश की गहराई से जांच कर रही है।
ट्रेन से पहुंचे रांची, कार से पहुंचे आरएसएस कार्यालय
पूछताछ में अमन अंसारी ने बताया कि घटना को अंजाम देने से पहले सभी आरोपी ट्रेन के जरिए रांची पहुंचे थे। इसके बाद कार से आरएसएस कार्यालय पहुंचे और वहां पेट्रोल बम हमला किया। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा आरोपियों को किस स्तर पर सहयोग मिला।
लखनऊ में भी बड़ी वारदात की थी तैयारी
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि रांची में घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों की योजना उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी एक बड़ी वारदात को अंजाम देने की थी। आरोपी रांची से ट्रेन के माध्यम से लखनऊ के लिए रवाना हुए थे, लेकिन रांची पुलिस की सतर्कता के कारण उन्हें कोडरमा से आगे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो एक और बड़ी घटना हो सकती थी। रांची पुलिस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर संभावित बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया।
कई पहलुओं पर जारी है जांच
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियां आरोपियों के संपर्क, फंडिंग, घटना की योजना और संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

