रांची: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्र आंदोलन गुरुवार को भी जारी रहा। आंदोलन के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की सूची सरकार को सौंप दी गई है, लेकिन देर शाम तक वार्ता की तारीख और समय तय नहीं हो सका। इस बीच कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आंदोलनरत छात्रों से बातचीत कर उनका समर्थन जताया, जिससे यह आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की सूची प्रशासन को सौंपी
दोपहर बाद आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की घोषणा की। इसमें आठ छात्र प्रतिनिधि, एक कानूनविद और दो मीडिया प्रतिनिधि शामिल हैं। यह सूची रांची सदर एसडीओ को सौंप दी गई।
छात्र प्रतिनिधियों में पीयूष कुमार सिंह, रविंद्र पासवान, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, कार्तिक सोरेन, रविंद्र कुमार रवि, अंकित कुमार और शालू सिंह शामिल हैं। वहीं पत्रकार प्रतिनिधि के रूप में शंभूनाथ चौधरी और विकास वर्मा तथा कानूनविद एवं पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार को प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया गया है।
हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि वार्ता केवल छात्र प्रतिनिधियों के साथ ही होगी। देर शाम आंदोलन स्थल पर पहुंचे सदर एसडीओ कुमार रजत और एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) धनंजय कुमार ने बताया कि फिलहाल वार्ता को लेकर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
राहुल गांधी ने छात्रों से की बातचीत
आंदोलन के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वीडियो संदेश जारी कर झारखंड के छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छात्र अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और देशभर के लोगों से उनका समर्थन करने की अपील की।
राहुल गांधी ने कांग्रेस नेता कुमार राजा के फोन के माध्यम से आंदोलनकारी छात्र पीयूष कुमार सिंह और रविंद्र पासवान से बातचीत कर उनकी मांगों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए, चाहे सरकार किसी भी दल की हो।
सरकार बोली— समाधान के लिए गंभीर हैं
राज्य सरकार की ओर से विभिन्न मंत्रियों ने विधानसभा और मीडिया के माध्यम से स्पष्ट किया कि सरकार पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है।
नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मंत्रियों की समिति गठित की है और शिकायत मिलते ही सीआईडी जांच, छापेमारी तथा गिरफ्तारियों की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी।
कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि पेपर लीक केवल झारखंड नहीं बल्कि पूरे देश की समस्या है और इसके पीछे सक्रिय परीक्षा माफिया के खिलाफ सामूहिक लड़ाई जरूरी है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार युवाओं की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि चार मंत्रियों की समिति छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास करेगी।
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकार दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगी, वहीं योग्यता के आधार पर सफल अभ्यर्थियों के हितों की भी रक्षा की जाएगी।
छात्रों की प्रमुख मांगें
आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें दोहराई हैं। इनमें—
- टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी विवादित JPSC परीक्षाएं रद्द की जाएं।
- 14वीं JPSC, बैकलॉग-2023, एफआरओ समेत विवादित परीक्षाओं की दोबारा निष्पक्ष जांच हो।
- पूरे मामले की सीबीआई और ईडी से जांच कराई जाए।
- भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून बनाया जाए।
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
