रांची : झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां चरम पर हैं। मतदान के बीच नेताओं के बयान भी सियासी चर्चाओं का केंद्र बने हुए हैं। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि भाजपा समर्थित उम्मीदवार को राज्यसभा चुनाव में 35 वोट प्राप्त होंगे।

भानु प्रताप शाही के इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। उनका कहना है कि चुनावी समीकरण भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में हैं और परिणाम आने पर यह स्पष्ट हो जाएगा कि उन्हें अपेक्षा से अधिक समर्थन मिला है।

राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ी सियासी हलचल

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए मतदान जारी है। चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा के बैद्यनाथ राम, कांग्रेस के पीके झा और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी मैदान में हैं। ऐसे में सभी दल अपने-अपने समर्थन और संख्या बल को लेकर लगातार दावे कर रहे हैं।

राज्यसभा चुनाव में जीत का गणित पूरी तरह विधायकों के वोटों पर आधारित होता है। यही कारण है कि मतदान से पहले और मतदान के दौरान नेताओं के बयान राजनीतिक महत्व रखते हैं।

दोनों खेमे कर रहे जीत का दावा

एक ओर इंडिया गठबंधन अपने 56 विधायकों के समर्थन के आधार पर दोनों सीटों पर जीत का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर भाजपा और एनडीए खेमे के नेता भी अपने उम्मीदवार के पक्ष में अतिरिक्त समर्थन मिलने की बात कह रहे हैं।

भानु प्रताप शाही का 35 वोट मिलने का दावा ऐसे समय में आया है, जब चुनावी गणित और संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। हालांकि इन दावों की वास्तविकता का पता मतगणना के बाद ही चल सकेगा।

नतीजों पर टिकी सबकी निगाहें

राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतगणना की जाएगी। इसके बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस उम्मीदवार को कितने वोट मिले और किस दल की रणनीति सफल रही।

फिलहाल राजनीतिक दलों के दावों और बयानों के बीच झारखंड की राजनीति में उत्सुकता का माहौल बना हुआ है। सभी की नजरें अब चुनाव परिणाम पर टिकी हैं, जो राज्यसभा की दोनों सीटों की तस्वीर साफ करेंगे।

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