सिमडेगा: विश्व आदिवासी दिवस 2026 के अवसर पर उपायुक्त कंचन सिंह ने जिलेवासियों, विशेषकर आदिवासी समाज के सभी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज देश की समृद्ध संस्कृति, परंपरा, लोककला, भाषा और प्रकृति संरक्षण की अनमोल विरासत का संवाहक है।
जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की परंपरा प्रेरणादायी
उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के साथ प्रकृति के प्रति आदिवासी समाज की संवेदनशीलता और जीवनशैली पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। आदिवासी समुदायों ने सदियों से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और संतुलित उपयोग की परंपरा को आगे बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि आदिवासी समुदायों के अधिकार, सम्मान, समान अवसर और समावेशी विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण दिन है।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का संकल्प है कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में आदिवासी समाज को आगे बढ़ने के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि विकास की प्रक्रिया में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि समाज में समानता और समावेश की भावना मजबूत हो।
संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का लें संकल्प
कंचन सिंह ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सभी को आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ समावेशी एवं समतामूलक समाज के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सिमडेगा के अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में भी सामूहिक रूप से संस्कृति, परंपरा और प्रकृति संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया।

