रांची : दक्षिण-पश्चिम मानसून के संताल परगना के रास्ते झारखंड पहुंचने में अभी 72 से 84 घंटे का समय बाकी है, लेकिन इससे पहले ही राज्य में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। गुरुवार दोपहर बाद राजधानी रांची समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं कई इलाकों में जनजीवन भी प्रभावित हुआ।
राजधानी रांची में दोपहर बाद अचानक काले बादल छा गए और करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। शहर में लगभग 41 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। तेज आंधी के कारण शहर और आसपास के क्षेत्रों में करीब आधा दर्जन पेड़ भी गिर गए।
वहीं, जमशेदपुर में 11 मिलीमीटर और चाईबासा में 10 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
आज 18 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार, 12 जून को राज्य के 18 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार रांची, रामगढ़, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है।
इन जिलों में वज्रपात और मध्यम दर्जे की बारिश की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और दुमका जिलों में भारी बारिश की आशंका व्यक्त की है।
इन जिलों में येलो अलर्ट
गढ़वा, पलामू, लातेहार, गुमला, लोहरदगा और चतरा जिलों में तेज हवा, वज्रपात और हल्की बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
13 जून को भी रहेगा खराब मौसम
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार, 13 जून को भी राज्य के कई हिस्सों में मौसम का असर बना रहेगा। रांची, खूंटी, रामगढ़, कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा राज्य के अन्य जिलों में येलो अलर्ट रहेगा और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। किसानों को भी खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि मानसून के प्रवेश से पहले राज्य में मौसम की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
