गढ़वा: रांची में आंदोलनरत छात्रों के विधानसभा घेराव के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को बुलाए गए झारखंड बंद का असर गढ़वा में भी देखने को मिला। बंद को सफल बनाने और छात्रों पर हुए कथित बल प्रयोग के विरोध में भाजपा नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर में निकाला जुलूस
मंगलवार सुबह करीब आठ बजे भाजपा जिलाध्यक्ष उदय कुशवाहा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शहर के प्रमुख रंका मोड़ स्थित घंटाघर के पास जुटे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला और शहर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण किया।
इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों से बंद में सहयोग करने की अपील की और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में सरकार से कार्रवाई की मांग की।
धांधली के सबूत हैं तो सीबीआई जांच से परहेज क्यों?
प्रदर्शन के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय चौबे ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में धांधली और अनियमितताओं के प्रमाण सामने आ रहे हैं, तो सरकार पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने से क्यों बच रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले लोगों और कथित परीक्षा माफिया को बचाने का प्रयास कर रही है। भाजपा नेता ने कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
लाठीचार्ज की निंदा, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
भाजपा नेताओं ने रांची में आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए कथित लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की आवाज सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना उचित नहीं है।
भाजपा नेताओं ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
भाजपा के इस विरोध प्रदर्शन और जुलूस में कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए। इनमें वरिष्ठ भाजपा नेता विनय चौबे, उमेश कश्यप, विधायक प्रतिनिधि रिंकू तिवारी, रितेश चौबे सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने छात्रों के समर्थन में आवाज उठाते हुए सरकार से जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद का निष्पक्ष समाधान निकालने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
