महुआडांड़ (लातेहार): संत जेवियर्स महाविद्यालय (स्वायत्त), महुआडांड़ ने शुक्रवार को अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में क्रिस्टल जुबली समारोह और लोयोला दिवस पूरे उत्साह, श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाया। महाविद्यालय की गौरवशाली यात्रा के इस ऐतिहासिक अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों, पूर्व छात्रों और अतिथियों ने मिलकर संस्थान की उपलब्धियों का उत्सव मनाया।

पवित्र मिस्सा पूजा के साथ हुई शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8 बजे पवित्र मिस्सा पूजा से हुई। इस दौरान महाविद्यालय परिवार ने संस्था की निरंतर प्रगति, समृद्धि और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक प्रार्थना की।

समारोह के मुख्य अतिथि बिशप थियोडोर मास्करेनहास, एसएफएक्स, रोमन कैथोलिक डायोसिस ऑफ डाल्टनगंज के बिशप थे। वहीं विशिष्ट अतिथियों के रूप में आईक्यूएसी सदस्य मोहम्मद तनवीर, फादर अशोक नगेसिया, सिस्टर प्रिस्का और फादर बर्थोलोमियो उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का पारंपरिक आदिवासी नृत्य, पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर स्वागत किया गया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोश ने स्वागत भाषण में संस्थान की 25 वर्षों की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।

इसके बाद विद्यार्थियों ने स्वागत नृत्य, नागपुरी लोकनृत्य, दक्षिण भारतीय नृत्य तथा संत लोयोला के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति पेश कर दर्शकों का मन मोह लिया।

वार्षिक पत्रिका ‘ज़ेवेरियन ऐक्मे’ का हुआ लोकार्पण

इस अवसर पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘ज़ेवेरियन ऐक्मे’ का भी लोकार्पण किया गया। पत्रिका में संस्थान की शैक्षणिक, शोध एवं सांस्कृतिक उपलब्धियों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है।

शिक्षा का उद्देश्य बेहतर इंसान बनना: बिशप थियोडोर

मुख्य अतिथि बिशप थियोडोर मास्करेनहास ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि एक बेहतर इंसान बनने की प्रक्रिया है। उन्होंने छात्रों से अनुशासन, सेवा भावना और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया तथा महाविद्यालय परिवार को क्रिस्टल जुबली की शुभकामनाएं दीं।

आईक्यूएसी सदस्य मोहम्मद तनवीर ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नवाचार की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और निभाने की अपील की।

कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर शशि शेखर और सुश्री सुष्मिता नाग ने किया, जबकि शालिनी बारा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। समारोह के समापन पर सभी के बीच मिठाइयों का वितरण किया गया। पूरे दिन महाविद्यालय परिसर उत्साह, उमंग और सौहार्दपूर्ण वातावरण से सराबोर रहा।

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