न्यूयॉर्क: रूस से ऊर्जा खरीद पर सख्त रुख अपनाने की तैयारी
अमेरिका की रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों के एक समूह ने सीनेट में एक नया विधेयक पेश किया है। प्रस्तावित विधेयक में रूस से तेल खरीदने वाले भारत, चीन समेत पांच देशों से आयात होने वाले उत्पादों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का प्रावधान किया गया है।
भारत और चीन सहित पांच देश प्रस्तावित दायरे में
विधेयक के अनुसार, भारत और चीन के अलावा स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान भी प्रस्तावित 100 प्रतिशत आयात शुल्क के दायरे में शामिल हैं। इस प्रस्ताव का उद्देश्य रूस की ऊर्जा बिक्री से होने वाली आय पर दबाव बनाना और यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में मॉस्को पर आर्थिक प्रतिबंधों को और प्रभावी बनाना बताया जा रहा है।
15 यूरोपीय देशों को प्रस्तावित छूट
प्रस्तावित विधेयक में रूस से गैस खरीदने वाले 15 यूरोपीय देशों को इस शुल्क से छूट देने का भी प्रावधान रखा गया है। इसके पीछे यह तर्क दिया गया है कि इन देशों की रूस पर ऊर्जा निर्भरता सीमित है और वे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
रूस की अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रतिबंधों का प्रस्ताव
डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने संवाददाताओं से कहा कि इसे केवल शुल्क संबंधी विधेयक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य रूस के ऊर्जा क्षेत्र, वित्तीय क्षेत्र, रक्षा औद्योगिक ढांचे, बड़े उद्योगपतियों तथा रूसी अर्थव्यवस्था के अन्य प्रमुख हिस्सों पर व्यापक आर्थिक प्रतिबंध लागू करना है।
यदि यह विधेयक अमेरिकी कांग्रेस से पारित होकर कानून का रूप लेता है, तो रूस से ऊर्जा आयात करने वाले देशों के साथ अमेरिका के व्यापारिक संबंधों पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
