रांची: नीट यूजी पुनर्परीक्षा 2026 के परिणाम में कथित अंक विसंगति को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से जवाब तलब किया है। अदालत ने पूछा है कि वेबसाइट पर अपलोड की गई अभ्यर्थी लक्ष्य सिंह की ओएमआर शीट के अनुसार यदि लगभग 600 अंक बन रहे हैं, तो परिणाम में उसे केवल 116 अंक क्यों दिए गए।
हाईकोर्ट ने मांगी मूल ओएमआर शीट
मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने एनटीए को निर्देश दिया कि वह टेस्ट बुकलेट सीरियल नंबर 265208914 और रोल नंबर 2603107066 वाले अभ्यर्थी लक्ष्य सिंह की मूल ओएमआर शीट सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 4 अगस्त की तिथि निर्धारित की है।
याचिकाकर्ता ने परिणाम पर उठाए सवाल
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार ने अदालत को बताया कि अभ्यर्थी ने एनटीए की वेबसाइट पर अपलोड की गई पुनर्परीक्षा की ओएमआर शीट डाउनलोड कर उसका परीक्षण किया। उनके अनुसार ओएमआर शीट के आधार पर अभ्यर्थी को 720 में से लगभग 660 अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन घोषित परिणाम में उसे केवल 116 अंक दिए गए।
अधिवक्ता ने दलील दी कि यदि ओएमआर शीट के अनुसार इतने अंक बन रहे हैं, तो परिणाम में भारी अंतर कैसे आया। उन्होंने वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए मूल ओएमआर शीट अदालत में मंगाने का अनुरोध किया।
पुनर्परीक्षा के परिणाम को दी है चुनौती
याचिकाकर्ता लक्ष्य सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर 21 जून 2026 को आयोजित नीट यूजी पुनर्परीक्षा के परिणाम को चुनौती दी है। मामले में केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता प्रशांता पल्लव ने पक्ष रखा। अब एनटीए को अदालत के निर्देशानुसार मूल अभिलेख प्रस्तुत कर अंक विसंगति पर जवाब देना होगा।

