रांची: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार से शुरू हो गया। सत्र के पहले ही दिन विधानसभा परिसर के बाहर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। विधानसभा पहुंचते ही एनडीए के विधायकों ने जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
विपक्षी विधायक जेपीएससी मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग करते हुए विधानसभा परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने “मुख्यमंत्री इस्तीफा दो” समेत कई नारे लगाए और हाथों में तख्तियां लेकर सरकार को घेरने का प्रयास किया।
मानसून सत्र के पहले दिन ही दिखे टकराव के संकेत
विपक्ष पहले ही घोषणा कर चुका था कि वह मानसून सत्र में जेपीएससी भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगा। ऐसे में पहले ही दिन सदन के बाहर हुए प्रदर्शन से स्पष्ट हो गया है कि आगामी दिनों में विधानसभा की कार्यवाही काफी हंगामेदार रहने की संभावना है।
गौरतलब है कि झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त से 12 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान कुल पांच कार्यदिवस निर्धारित किए गए हैं, जिनमें सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर तीखी बहस होने की उम्मीद है।
सरकार ने समिति बनाकर समाधान का दिया भरोसा
विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य सरकार की ओर से मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि परीक्षा में धांधली और पेपर लीक कराने वाले माफिया तत्व होते हैं, जिनका किसी भी सरकार से कोई संबंध नहीं होता। उन्होंने कहा कि ऐसे गिरोह पूरे देश में सक्रिय हैं और इनके खिलाफ पक्ष तथा विपक्ष दोनों को मिलकर कार्रवाई करनी चाहिए।
मंत्री ने बताया कि सरकार ने आंदोलनरत छात्रों से संवाद की पहल की है। इसके लिए एक समिति का गठन किया गया है, जो छात्रों की मांगों पर बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही इस पूरे मामले में सकारात्मक समाधान सामने आएगा।

