धनबाद दौरे पर मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भाषा विवाद और वित्तीय अनियमितताओं पर रखी राय
धनबाद : झारखंड के वित्त, योजना एवं विकास, वाणिज्य कर तथा संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर शनिवार को धनबाद पहुंचे। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राज्य में चल रहे भाषा विवाद, राजस्व संग्रह, वित्तीय अनियमितताओं और राज्यसभा चुनाव समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी।
मंत्री ने कहा कि झारखंड की जनजातीय भाषाएं राज्य की पहचान और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन राज्य में रहने वाले अन्य भाषाई समुदायों की भावनाओं का भी समान रूप से सम्मान किया जाना चाहिए।
भाषा नीति में विभागीय स्तर पर चूक की बात स्वीकार
भाषा विवाद को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सरकार की मंशा किसी भी भाषा या समुदाय को नुकसान पहुंचाने की नहीं रही है। हालांकि उन्होंने माना कि विभागीय स्तर पर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए था कि किसी भाषा को अनिवार्य बनाने से पहले संबंधित क्षेत्र की भाषाई स्थिति का समुचित अध्ययन किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में जो भाषा व्यापक रूप से बोली जाती है, उसे भी उचित महत्व मिलना चाहिए। किसी भी नीति का उद्देश्य समाज को जोड़ना होना चाहिए, न कि विभाजन पैदा करना।
झारखंड में रहने वाले सभी लोग हैं झारखंडी
मंत्री ने कहा कि झारखंड गठन के 25 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी भाषा को लेकर विवाद होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य में रहने वाले सभी लोग झारखंडी हैं और भाषा के आधार पर किसी की पहचान या अधिकारों पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनजातीय भाषाओं के संरक्षण के साथ-साथ हिंदी, भोजपुरी, मगही, मैथिली, अंगिका, बंगला और अन्य प्रचलित भाषाओं को भी सम्मान मिलना चाहिए, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां इन भाषाओं का व्यापक उपयोग होता है।
राजस्व संग्रह में धनबाद की भूमिका अहम
राजस्व संग्रह के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि धनबाद राज्य का प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र है और झारखंड के राजस्व में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में विभाग ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन किया है। कर संग्रह बढ़ाने, लंबित मामलों के निष्पादन और करदाताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही बड़ी संख्या में पुराने मामलों का भी निपटारा किया गया है।
वित्तीय अनियमितताओं की हो रही जांच
राज्य में सामने आए अतिरिक्त निकासी और वेतन भुगतान से जुड़े मामलों पर मंत्री ने कहा कि सरकार वित्तीय अनुशासन को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
उन्होंने बताया कि बोकारो और हजारीबाग में सामने आए मामलों की जांच के लिए अधिकारियों की टीम भेजी गई थी। जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य जिलों में भी ऐसे मामलों की जानकारी सामने आई है। दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
मंत्री ने कहा कि पूरे मामले की जांच वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल के नेतृत्व में कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल निगरानी पर जोर
राजस्व वृद्धि और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सरकार की योजनाओं पर बोलते हुए राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि डिजिटल मॉनिटरिंग, ऑनलाइन कर प्रणाली, नियमित ऑडिट और जवाबदेही तय करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि धनबाद में उद्योग, खनन और व्यापार से जुड़े क्षेत्रों में पारदर्शिता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि राजस्व में वृद्धि हो और वित्तीय अनियमितताओं की संभावना कम हो सके।
राज्यसभा चुनाव पर भी दिया बयान
राज्यसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि झारखंड में केवल कांग्रेस नहीं, बल्कि पूरे महागठबंधन के दृष्टिकोण से निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जो निर्णय लेंगे, वह सभी सहयोगी दलों को स्वीकार होगा। झामुमो, कांग्रेस, राजद और महागठबंधन के अन्य दल मिलकर चुनाव में भाग लेंगे।

