दुमका: झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना में पात्रता नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आने के बाद दुमका जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासनिक जांच में कई ऐसे लाभुकों की पहचान हुई है, जो योजना की निर्धारित पात्रता पूरी नहीं करते थे, लेकिन इसके बावजूद योजना का लाभ ले रहे थे। ऐसे लाभुकों को योजना से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही अब तक मिली सरकारी सहायता राशि की वसूली की भी कार्रवाई की जा रही है।
शिकायत के बाद शुरू हुआ लाभुकों का सत्यापन
योजना में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने संबंधित पंचायतों में लाभुकों का भौतिक सत्यापन कराया। जांच का नेतृत्व प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) राजेश कुमार सिन्हा ने किया। सत्यापन के दौरान लाभुकों की पारिवारिक, आर्थिक और सेवा संबंधी स्थिति की जांच की गई, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं।
रेलवे कर्मचारी और सरकारी शिक्षकों के परिवार भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान हरिपुर पंचायत के पूतका गांव में एक महिला के पति के रेलवे विभाग में कार्यरत होने के बावजूद योजना और राशन कार्ड का लाभ लेने का मामला सामने आया। इसी तरह सरकारी शिक्षक की पत्नी और सरकारी शिक्षक से विवाह कर चुकी महिला के नाम पर भी योजना का लाभ मिलने की पुष्टि हुई। प्रशासन ने इन मामलों में नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।
पारा शिक्षक, पोषण सखी, एएनएम और चौकीदार से जुड़े मामले भी मिले
सत्यापन के दौरान पारा शिक्षकों की पत्नियों, पोषण सखी, एएनएम और चौकीदार से जुड़े कई मामलों की भी पहचान हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ केवल निर्धारित पात्रता पूरी करने वाली महिलाओं को ही मिल सकता है। अपात्र लाभुकों को सूची से हटाने की प्रक्रिया जारी है।
राशन कार्ड में भी मिली अनियमितताएं
जांच के दौरान कुछ परिवारों के राशन कार्ड में भी गड़बड़ियां सामने आईं। एक मामले में पति-पत्नी के अलग-अलग राशन कार्ड बनवाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का खुलासा हुआ। प्रशासन ने ऐसे मामलों को संबंधित विभागों को भेज दिया है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।
अपात्र लाभुकों से होगी सरकारी राशि की वसूली
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक जांच में अपात्र पाए गए लाभुकों को योजना से हटाया जा रहा है और उन्हें अब तक मिली आर्थिक सहायता वापस करने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार पात्रता की जांच आगे भी जारी रहेगी। यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेते पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंद और पात्र महिलाओं तक ही पहुंचे।

