सरायकेला-खरसावां: खरसावां को टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-33 से जोड़ने वाली खरसावां-रडगांव मुख्य सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। करीब 30 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जबकि कई हिस्सों में सड़क की पिच पूरी तरह उखड़ चुकी है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रायजामा घाटी के पास सबसे अधिक परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार रायजामा घाटी के समीप सड़क पर बना बड़ा गड्ढा आवागमन के लिए गंभीर समस्या बन गया है। यहां अक्सर छोटे और बड़े वाहन फंस जाते हैं, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। साथ ही दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बनी रहती है।
दोपहिया वाहन चालकों के लिए बढ़ा खतरा
सड़क की पिच उखड़ने के बाद गिट्टियां सड़क पर बिखर गई हैं, जिससे सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। ब्रेक लगाने के दौरान बाइक के फिसलने की घटनाएं बढ़ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब सड़क के कारण यात्रा अब पहले की तुलना में अधिक जोखिम भरी हो गई है।
स्पीड ब्रेकर और गड्ढों से बढ़ी मुश्किलें
सड़क पर जगह-जगह बने स्पीड ब्रेकर भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। गड्ढों और उबड़-खाबड़ मार्ग के कारण वाहन चालकों को काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है। बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।
क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाती है यह सड़क
खरसावां से रांची, बुंडू, तमाड़ और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले हजारों लोग प्रतिदिन इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। रडगांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-33 से जुड़ने वाली यह सड़क क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। स्थानीय लोगों ने सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि आवागमन सुगम हो सके और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

