रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां अपने चरम पर पहुंच गई हैं। नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन सोमवार को सत्तारूढ़ महागठबंधन के दोनों उम्मीदवारों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से बैद्यनाथ राम और कांग्रेस की ओर से प्रणव झा ने राज्यसभा चुनाव के लिए आधिकारिक रूप से अपनी दावेदारी पेश की।

नामांकन प्रक्रिया के दौरान राजधानी रांची में राजनीतिक माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में नजर आया। दोनों उम्मीदवारों के साथ महागठबंधन के कई वरिष्ठ नेता, विधायक और समर्थक मौजूद रहे। इस दौरान गठबंधन की एकजुटता का प्रदर्शन भी देखने को मिला।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिया समर्थन

नामांकन दाखिल करने के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी मौजूद रहे। उन्होंने दोनों उम्मीदवारों का उत्साहवर्धन किया और महागठबंधन की मजबूती का संदेश दिया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मुख्यमंत्री की मौजूदगी राज्यसभा चुनाव को लेकर गठबंधन की गंभीरता और एकजुटता को दर्शाती है।

जेएमएम उम्मीदवार बैद्यनाथ राम और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा ने निर्धारित प्रक्रिया पूरी करते हुए अपना नामांकन पत्र जमा किया। नामांकन के बाद दोनों नेताओं ने अपनी जीत का भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें महागठबंधन के सभी सहयोगी दलों और विधायकों का समर्थन प्राप्त है।

अंतिम दिन तक बना रहा चुनावी माहौल

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन का अंतिम दिन होने के कारण राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की गतिविधियां सुबह से ही तेज रहीं। नामांकन केंद्र के बाहर समर्थकों की आवाजाही बनी रही और चुनावी चर्चाओं का दौर लगातार जारी रहा।

झारखंड की राज्यसभा सीटों को लेकर सभी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब आगे की चुनावी प्रक्रिया, उम्मीदवारों के समर्थन और संख्या बल को लेकर राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा तेज होने की संभावना है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव को लेकर राज्य की सियासत और अधिक गर्मा सकती है। अब सभी की निगाहें चुनावी प्रक्रिया के अगले चरण और संभावित परिणामों पर टिकी हैं।

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