रांची: झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार रांची में 284 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से झारखंड मेडिको सिटी स्थापित करने की तैयारी कर रही है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रशासनिक स्वीकृति के लिए मंत्रिपरिषद को प्रस्ताव भेज दिया है। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही परियोजना पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
मेडिकल टूरिज्म हब बनाने की तैयारी
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य झारखंड के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई, चेन्नई या बेंगलुरु जैसे शहरों पर निर्भर नहीं रहने देना है। उन्होंने कहा कि राज्य में ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।
बड़े अस्पतालों को दिया गया आमंत्रण
सरकार ने अपोलो, फोर्टिस, मैक्स, मेदांता, नारायणा हेल्थ और मणिपाल जैसे देश के प्रतिष्ठित अस्पताल समूहों को झारखंड में सुपर स्पेशियलिटी सेंटर स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया है। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, इन संस्थानों के साथ जल्द ही समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
मिलेंगी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं
प्रस्तावित मेडिको सिटी में कैंसर, हृदय रोग, न्यूरोसाइंस, अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन ट्रांसप्लांट) और ऑर्थोपेडिक्स सहित विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही आधुनिक चिकित्सा तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं भी एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की योजना है।
मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार का मानना है कि इस परियोजना के शुरू होने से झारखंड के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का इलाज पर होने वाला खर्च कम होगा। राज्य से बाहर इलाज कराने की मजबूरी भी घटेगी। साथ ही चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान (रिसर्च) और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
सरकार का दावा है कि परियोजना पूरी होने के बाद झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा रांची पूरे पूर्वी भारत के प्रमुख मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित होगा।

