लातेहार: जिले के महुआडांड़ प्रखंड में शिवनगर-रेगाई होते हुए लोध फॉल जाने वाले मुख्य मार्ग पर लाखों रुपये की लागत से निर्मित पुल महज एक वर्ष के भीतर ही क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त हो गया है। पुल के टूटने से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण पुल इतनी जल्दी खराब हो गया।

जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर लोग

क्षतिग्रस्त पुल के कारण अब यह मार्ग लोगों के लिए खतरे का कारण बन गया है। प्रतिदिन सैकड़ों स्कूली बच्चे, मरीज, राहगीर और लोध फॉल घूमने आने वाले पर्यटक इसी रास्ते से गुजरते हैं। बारिश के दौरान पुल के आसपास जलभराव होने से दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।

गलती छिपाने की कोशिश का आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब मीडिया की टीम मौके पर पहुंची तो ठेकेदार ने आनन-फानन में पुल पर डस्ट डलवाकर स्थिति को सामान्य दिखाने का प्रयास किया। हालांकि, पुल की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

दर्जनों गांवों की आवाजाही प्रभावित

यह मार्ग महुआडांड़ अनुमंडल के दर्जनों गांवों को जोड़ता है। पुल क्षतिग्रस्त होने से एम्बुलेंस समेत अन्य आवश्यक वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी हो रही है, जबकि लोध फॉल आने वाले पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने की तत्काल मरम्मत की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुल की तत्काल मरम्मत कराने और निर्माण कार्य में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते पुल की मरम्मत नहीं हुई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

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