रांची: झारखंड में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा है कि आंदोलन के दौरान यदि किसी छात्र की तबीयत बिगड़ती है और उसे अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ती है, तो इलाज के लिए उससे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग वहन करेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि आंदोलनकारी छात्रों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी छात्र को इलाज के अभाव में परेशानी नहीं होनी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
आंदोलन स्थल पर मेडिकल टीम तैनात
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्र हमारे बच्चे हैं और उनकी जिंदगी सबसे महत्वपूर्ण है। सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से ले रही है। आंदोलन स्थल पर किसी भी तरह की चिकित्सकीय आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम को भी तैनात रखा गया है।
उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर सरकार पूरी तरह संवेदनशील है। आंदोलन के दौरान यदि किसी छात्र को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होती है, तो उसे तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने भूख हड़ताल से बचने की अपील की
स्वास्थ्य मंत्री ने आंदोलनकारी छात्रों से भूख हड़ताल और अनशन नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर धरना और प्रदर्शन कर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा सकते हैं, लेकिन उन्हें अपनी सेहत के साथ किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहिए।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि जिंदगी बेहद कीमती है। मांगों और अधिकारों की लड़ाई अपनी जगह है, लेकिन छात्रों की जान और स्वास्थ्य उससे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों की मांगों को नजरअंदाज नहीं कर रही है। उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास जारी है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू भी छात्र आंदोलन से जुड़े पूरे मामले को गंभीरता से देख रहे हैं।
डॉ. इरफान अंसारी ने आंदोलनकारी छात्रों से सरकार पर भरोसा रखने की अपील करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत और सकारात्मक तरीके से निकालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि आंदोलन के दौरान किसी भी छात्र को इलाज के लिए आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
