रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में पिछले 12 दिनों से जारी छात्रों के अनशन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहली बार विस्तार से प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच पूरी गंभीरता के साथ चल रही है और सरकार जल्द ही किसी ठोस समाधान तक पहुंचने की उम्मीद करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच एजेंसियां लगातार विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं और पूरे प्रकरण की हर पहलू से जांच कर रही हैं।
जांच एजेंसियां गंभीरता से कर रही हैं काम
हेमंत सोरेन ने कहा कि जांच एजेंसियां प्रभावी ढंग से काम कर रही हैं और सरकार जांच की प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच के आधार पर जल्द ही उचित और ठोस निर्णय सामने आएगा।
जरूरत पड़ने पर गृह मंत्री से करेंगे चर्चा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अभी तक राज्य के गृह मंत्री से इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की है। हालांकि, यदि आवश्यकता महसूस हुई तो इस विषय पर उनसे भी बातचीत की जाएगी।
छात्रों से संवाद की अपील
प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत का आग्रह करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। जिनकी भी कोई मांग या सुझाव है, वे सरकार के समक्ष अपनी बात रखें। उन्होंने कहा कि सरकार पहले से ही इस पूरे मामले से अवगत है और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच फिलहाल सीआईडी कर रही है। वहीं, रांची में अभ्यर्थियों का सत्याग्रह और अनिश्चितकालीन आंदोलन लगातार जारी है। छात्र सीबीआई जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

