रांची : झारखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। राज्य के पूर्वी हिस्से और आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से शुक्रवार को कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने इसे देखते हुए रांची समेत 14 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार रांची, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, गिरिडीह, कोडरमा, बोकारो, धनबाद, देवघर, दुमका, जामताड़ा, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में वज्रपात की भी आशंका है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

24 जून तक सक्रिय रहेगा मौसम

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य में मौसम सक्रिय बना रहेगा। 24 जून तक झारखंड के विभिन्न हिस्सों में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश होने और वज्रपात की घटनाएं सामने आ सकती हैं। इसे देखते हुए राज्य के सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार इस अवधि में कई स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में किसानों, यात्रियों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

देवघर में सबसे अधिक बारिश, मेदिनीनगर रहा सबसे गर्म

गुरुवार को भी राज्य के कई हिस्सों में मौसम का असर देखने को मिला। देवघर में सर्वाधिक 14 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं मेदिनीनगर और बोकारो में भी हल्की बारिश हुई।

राजधानी रांची में पूरे दिन बादल छाए रहने से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। हालांकि राज्य के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर बरकरार रहा। गुरुवार को मेदिनीनगर राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इसके अलावा रांची में 35.1 डिग्री, जमशेदपुर में 36.6 डिग्री, बोकारो में 38.1 डिग्री और चाईबासा में 36.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

वज्रपात के दौरान बरतें सावधानी

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है। विभाग के अनुसार गरज-चमक और वज्रपात के समय खुले मैदान में जाने से बचें तथा सुरक्षित भवनों में शरण लें।

विशेषज्ञों ने पेड़ों, बिजली के खंभों, मोबाइल टावरों और अन्य धातु की संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी है। मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक रूप से मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग भी कम करने की सलाह दी गई है।

विभाग का कहना है कि यदि कई लोग एक साथ खुले क्षेत्र में मौजूद हों तो एक जगह भीड़ लगाने के बजाय उचित दूरी बनाकर खड़े रहें, ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति में नुकसान कम हो सके।

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