महुआडांड़ : विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार को प्रखंड के उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय बांसकरचा में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शिवम चौरसिया के निर्देश पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन पीएलवी इंद्रनाथ प्रसाद ने किया।
छात्रों को बाल श्रम के दुष्प्रभावों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बाल श्रम के दुष्प्रभावों, शिक्षा के महत्व और बच्चों के अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पीएलवी इंद्रनाथ प्रसाद ने कहा कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना कानूनन अपराध है। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है और समाज से बाल श्रम जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
बाल श्रम उन्मूलन की दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बाल श्रम उन्मूलन की शपथ दिलाई। छात्रों ने पोस्टर, नारे और जागरूकता संदेशों के माध्यम से बाल श्रम के खिलाफ जनजागरण का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने समाज से बाल श्रम समाप्त करने और हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार दिलाने का संकल्प लिया।
शिक्षकों और विद्यार्थियों की रही सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्य ललिता कुमारी, शिक्षक देवाशीष लकड़ा, सुषमा मिंज, मंजू कुमारी सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। सभी ने बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

