रांची: झारखंड सरकार ने स्कूली शिक्षा को मजबूत बनाने और छात्राओं के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को बढ़ावा देने की दिशा में दो बड़ी योजनाओं को मंजूरी दे दी है। गुरुवार को विकास आयुक्त की अध्यक्षता में हुई योजना प्राधिकार समिति की बैठक में सरकारी स्कूलों की छात्राओं को नि:शुल्क सेनेटरी पैड वितरण योजना और 100 नए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय खोलने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

दोनों योजनाओं पर कुल 845 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें छात्राओं को सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने पर 124 करोड़ रुपये, जबकि 100 नए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों की स्थापना पर 721 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

नवंबर से मिलेगा मुफ्त सेनेटरी पैड

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की योजना के तहत सरकारी विद्यालयों में कक्षा 6 से 12वीं तक की छात्राओं को नि:शुल्क सेनेटरी पैड उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना का लाभ राज्य के लगभग 13 हजार सरकारी विद्यालयों की छात्राओं को मिलेगा।

राज्य के सरकारी स्कूलों में करीब 12 लाख छात्राएं नामांकित हैं। शुरुआती चरण में औसत दैनिक उपस्थिति के आधार पर लगभग 8.50 लाख छात्राओं को योजना का लाभ मिलेगा। प्रत्येक छात्रा को हर महीने 10 सेनेटरी पैड उपलब्ध कराए जाएंगे। विभाग के अनुसार इस योजना की शुरुआत नवंबर 2026 से की जाएगी।

पहले लौटाया गया था प्रस्ताव

गौरतलब है कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने पिछले वर्ष भी इस योजना का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन योजना प्राधिकार समिति ने उसे वापस कर दिया था। आवश्यक संशोधन के बाद विभाग ने दोबारा प्रस्ताव भेजा, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।

बैठक में विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव प्रशांत कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

100 नए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय खुलेंगे

बैठक में राज्य में 100 नए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय खोलने की योजना को भी मंजूरी दी गई। वर्तमान में झारखंड में 80 मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं। नई स्वीकृति के बाद इनकी संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

100 नए विद्यालयों में 59 प्रखंड स्तरीय और 41 पंचायत स्तरीय विद्यालय शामिल होंगे। सभी विद्यालयों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध कराया जाएगा, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे विद्यालय

योजना के तहत करीब 400 करोड़ रुपये भवन निर्माण और आधारभूत संरचना के विकास पर खर्च किए जाएंगे। पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने पर विद्यालयों में बहुउद्देशीय सभागार का निर्माण भी किया जाएगा।

इसके अलावा विद्यालयों में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला, आधुनिक भाषा प्रयोगशाला, भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान की अलग-अलग प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। छात्रों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए इनडोर और आउटडोर खेल सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

राज्य सरकार का मानना है कि इन दोनों योजनाओं से एक ओर छात्राओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता में सुधार होगा, वहीं दूसरी ओर सरकारी विद्यालयों में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दायरा भी व्यापक होगा।

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