डकरा: रैयत स्थापित मोर्चा कार्यालय डकरा में विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा और वीर नीलांबर-पीतांबर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके बाद मोर्चा के सदस्यों ने कार्यालय परिसर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया।

पारंपरिक वेशभूषा में किया सामूहिक नृत्य

वृक्षारोपण के बाद उपस्थित लोगों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में सामूहिक नृत्य किया। इस दौरान लोगों ने अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन किया। पूरे परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिगन सिंह भोगता ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी समाज की गौरवशाली संस्कृति, परंपरा, भाषा और पहचान को संरक्षित एवं संवर्धित करने का संदेश देता है। आदिवासी समुदाय ने सदियों से प्रकृति संरक्षण, सामाजिक समरसता और मानवता के मूल्यों को जीवित रखा है।

वीरों के संघर्ष से प्रेरणा लेने का आह्वान

उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव और नीलांबर-पीतांबर जैसे महान आदिवासी वीरों के संघर्ष और बलिदान से प्रेरणा लेकर समाज को शिक्षा, एकता और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी जोर दिया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने समाज की एकता और परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

ये लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में रंथु उरांव, जगरनाथ महतो, जालिम सिंह, रामलखन गंझू, विनय खलखो, अमृत भोगता, सोमरा गंझू, प्रभाकर गंझू, राजकुमार उरांव, भरत गंझू, रवि उरांव, दामोदर गंझू, राजेंद्र उरांव, किसुन मुंडा, पंकज मुंडा, सुभाष उरांव, तौहीद अंसारी, मधु गंझु, अशोक उरांव, जगदीश गंझू सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version