रांची: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर इस वर्ष झारखंड में आयोजित होने वाला झारखंड आदिवासी महोत्सव-2026 केवल सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह राज्य की आदिवासी अस्मिता, परंपरा और आधुनिक तकनीक का भव्य संगम बनेगा। राज्य सरकार ने 8 और 9 अगस्त को दो दिवसीय महोत्सव आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस वर्ष का आयोजन दिशोम गुरु शिबू सोरेन को समर्पित होगा।

रांची से लेकर दिल्ली तक होंगे कार्यक्रम

पिछले वर्ष दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के कारण विश्व आदिवासी दिवस का मुख्य आयोजन स्थगित कर दिया गया था। इस बार उनकी स्मृति को समर्पित करते हुए भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रांची के मोरहाबादी मैदान से बिरसा चौक तक विशाल आदिवासी जतरा निकाली जाएगी। इसके अलावा राजधानी दिल्ली और झारखंड के सभी जिला मुख्यालयों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।

5,000 से अधिक कलाकार होंगे शामिल

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने महोत्सव के आयोजन के लिए इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जारी कार्ययोजना के अनुसार इस बार महोत्सव में देशभर से 5,000 से अधिक आदिवासी कलाकार, लोक कलाकार और सांस्कृतिक दल भाग लेंगे। आयोजन में पारंपरिक संस्कृति के साथ आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा।

100 स्टॉलों वाला आदिवासी हाट-बाजार बनेगा आकर्षण

महोत्सव परिसर में 100 स्टॉलों वाला विशाल आदिवासी हाट-बाजार लगाया जाएगा। यहां हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, वन उत्पाद, स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद, झारखंडी पारंपरिक व्यंजन और स्थानीय कलाकृतियों की प्रदर्शनी एवं बिक्री होगी। साथ ही शिल्पकारों द्वारा लाइव हस्तशिल्प प्रदर्शन भी किया जाएगा, ताकि लोग पारंपरिक कला को करीब से देख और समझ सकें।

पहली बार होगा ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल और फैशन शो

इस बार महोत्सव में पहली बार ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल और ट्राइबल फैशन शो का आयोजन प्रस्तावित है। इन आयोजनों के माध्यम से आदिवासी समाज की संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, जीवनशैली और सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। शाम के समय पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ विशेष प्रकाश एवं दृश्य प्रभाव भी आकर्षण का केंद्र होंगे।

आधुनिक तकनीक से सजेगा महोत्सव

इस बार महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग होगा। आयोजन में ड्रोन लाइट शो, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित त्रि-आयामी संवाद प्रणाली, संवर्धित और आभासी वास्तविकता अनुभव, डिजिटल टनल, इंटरएक्टिव फ्लोर प्रोजेक्शन, काइनेटिक एलईडी वीडियो वॉल, होलोग्राफिक फैन, डिजिटल स्टैंडी और सोशल मीडिया आधारित लाइव डिस्प्ले जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

इसके अलावा दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जीवन, संघर्ष और योगदान पर आधारित विशेष डिजिटल ट्रिब्यूट भी तैयार किया जाएगा।

महोत्सव के प्रमुख आकर्षण

  • दिशोम गुरु शिबू सोरेन को समर्पित विशेष प्रदर्शनी और डिजिटल ट्रिब्यूट
  • मोरहाबादी मैदान से बिरसा चौक तक भव्य आदिवासी जतरा
  • देशभर के 5,000 से अधिक आदिवासी एवं लोक कलाकारों की भागीदारी
  • ड्रोन लाइट शो और आधुनिक डिजिटल तकनीकों का प्रदर्शन
  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित त्रि-आयामी संवाद प्रणाली
  • ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल और ट्राइबल फैशन शो
  • 100 स्टॉलों वाला आदिवासी हाट-बाजार, हस्तशिल्प और वन उत्पाद प्रदर्शनी
  • रांची, सभी जिला मुख्यालयों और दिल्ली में प्रस्तावित कार्यक्रम

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