जामताड़ा : रेलवे साइडिंग में कार्यरत मजदूरों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और कथित आर्थिक शोषण को लेकर जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। मजदूरों ने उपायुक्त को आवेदन सौंपकर न्यूनतम मजदूरी, समय पर वेतन भुगतान और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है।
मजदूरों का आरोप है कि लंबे समय से उन्हें श्रम कानूनों के अनुरूप सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जिससे उनके सामने आर्थिक और सामाजिक संकट उत्पन्न हो गया है।
न्यूनतम मजदूरी नहीं मिलने का आरोप
मजदूरों के अनुसार, वे जय अंबे रोड लाइंस प्राइवेट लिमिटेड, शर्मा ट्रांसपोर्ट और एमजीएम रेलवे साइडिंग जामताड़ा के अधीन दैनिक मजदूरी पर कार्य करते हैं। अधिकांश श्रमिक गरीब परिवारों से आते हैं और इसी रोजगार के सहारे अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें निर्धारित न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जाती और कई बार वेतन का भुगतान भी समय पर नहीं किया जाता। इसके कारण उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में कठिनाई हो रही है।
10 से 12 घंटे तक कराया जाता है काम
मजदूरों ने बताया कि उनसे प्रतिदिन 10 से 12 घंटे तक काम कराया जाता है। लंबे समय तक कार्य करने के बावजूद उन्हें अतिरिक्त सुविधाएं या नियमों के अनुसार भुगतान नहीं मिलता।
उनका कहना है कि कई बार परिस्थितियों के कारण तय कार्य अवधि से अधिक समय तक काम करना पड़ता है, लेकिन इसके बदले कोई अतिरिक्त लाभ नहीं दिया जाता।
धूल और कोयले के बीच काम करने को मजबूर
रेलवे साइडिंग में कार्यरत श्रमिकों ने कार्यस्थल की स्थिति पर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि उन्हें धूल, कोयले और गंदगी के बीच लगातार काम करना पड़ता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।
मजदूरों के अनुसार, स्वास्थ्य जोखिम के बावजूद उन्हें किसी प्रकार की चिकित्सा सुविधा या नियमित स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई जाती।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से भी वंचित
श्रमिकों ने आरोप लगाया कि उन्हें बीमा, भविष्य निधि और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा साप्ताहिक अवकाश की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण लगातार काम करने से शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
मजदूरों का कहना है कि श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले कई बुनियादी अधिकारों से वे अभी भी वंचित हैं।
जांच और कार्रवाई की मांग
मजदूरों ने उपायुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नियमानुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से न्यूनतम मजदूरी, परिवर्तनीय महंगाई भत्ता, कोल माइंस प्रोविडेंट फंड तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की अपील की है।
श्रमिकों ने कहा कि यदि समय रहते उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो उनके सामने जीवनयापन का संकट और गंभीर हो सकता है।
इन मजदूरों ने सौंपा आवेदन
उपायुक्त को आवेदन सौंपने वालों में धर्मेंद्र सिंह, माना ठाकुर, संजय भैया, शुभंकर दास, रीता सिंह समेत दर्जनों मजदूर शामिल हैं। सभी ने एकजुट होकर अपनी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा और जल्द समाधान की उम्मीद जताई है।

