Ranchi: दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल पहुंचने के बाद अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों के अलावा दक्षिण-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों तक पहुंच सकता है। मानसून की बढ़ती सक्रियता का असर अब झारखंड के मौसम पर भी दिखाई देने लगा है।
राज्य में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। बादलों की आवाजाही बढ़ने के साथ कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
आज कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को झारखंड के कई हिस्सों में बादल गरजने और वज्रपात की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
हालांकि राज्य के सभी क्षेत्रों में बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन मौसम में बदलाव साफ तौर पर महसूस किया जा सकेगा। तेज हवाओं और बादलों के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
7 और 8 जून को बढ़ सकती है बारिश की गतिविधियां
मौसम विभाग के अनुसार 7 जून को झारखंड के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। इसके साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
वहीं 8 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ इन क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
9 जून को वज्रपात और तेज हवा की चेतावनी
9 जून को झारखंड के दक्षिणी और मध्य भागों में कुछ स्थानों पर वज्रपात होने की आशंका जताई गई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और बिजली गिरने की आशंका वाले समय में विशेष सावधानी बरतें।
10 जून से शुरू हो सकती है प्री-मानसून बारिश
मौसम विभाग का अनुमान है कि 10 जून से झारखंड के कई इलाकों में प्री-मानसून बारिश की शुरुआत हो सकती है। यदि मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो बारिश का दायरा और बढ़ सकता है।
प्री-मानसून बारिश से किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि राज्य में खेती-किसानी की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। पर्याप्त वर्षा होने पर खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी।
पाकुड़ में दर्ज हुई सबसे अधिक बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान झारखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई। राज्य में सबसे अधिक 80 मिलीमीटर वर्षा पाकुड़ जिले में दर्ज की गई। इसके अलावा अन्य कई जिलों में भी मौसम सुहावना बना रहा और लोगों को गर्मी से राहत मिली।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति के साथ झारखंड में वर्षा गतिविधियों में और तेजी आ सकती है।
