हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में अवैध कोयला उत्खनन और तस्करी का मामला एक बार फिर चर्चा में है। बड़कागांव थाना क्षेत्र के जोराकाठ, सेहदा और चपरी इलाके में कथित तौर पर चल रहे अवैध कोयला खनन के बीच शुक्रवार तड़के करीब चार बजे लगभग 60 टन अवैध कोयला लदा एक ट्रेलर चरही थाना क्षेत्र में फंस गया। चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया।
बिना चालक के खड़े ट्रेलर से खुला मामला
जानकारी के अनुसार ट्रेलर (जेएच 02बी एल 6483) चरही रेलवे साइडिंग के समीप फंस गया था। सुबह स्थानीय लोगों की नजर बिना चालक के खड़े कोयला लदे ट्रेलर पर पड़ी, जिसके बाद आसपास भीड़ जुट गई। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
सीसीएल सुरक्षा टीम और पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना मिलने के बाद सीसीएल चरही क्षेत्र की सुरक्षा टीम और चरही थाना पुलिस मौके पर पहुंची। संयुक्त जांच में पाया गया कि चालक वाहन छोड़कर फरार हो चुका है। वहीं, वाहन का मालिक भी अब तक सामने नहीं आया है।
पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर लिया है और उसमें लदे कोयले को चरही रेलवे साइडिंग में सुरक्षित रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस वाहन और कोयले के वास्तविक मालिक की पहचान में जुटी हुई है। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी।
सीसीएल हजारीबाग क्षेत्र के सुरक्षा पदाधिकारी रंजीत कुमार विमल ने बताया कि आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब्त वाहन को विधिसम्मत कार्रवाई के लिए चरही थाना पुलिस को सौंप दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने अवैध खनन पर उठाए सवाल
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जोराकाठ, सेहदा और चपरी की वन भूमि में पिछले कई महीनों से बड़े पैमाने पर अवैध कोयला उत्खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के अंधेरे में कोयला निकालकर भारी वाहनों के जरिए विभिन्न स्थानों तक पहुंचाया जाता है।
लोगों ने आरोप लगाया कि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण कोयला माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। मामले के सामने आने के बाद अवैध खनन और कोयला तस्करी पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस कर रही जांच
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। ट्रेलर के मालिक, चालक और कोयले के स्रोत का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
