गिरिडीह : गिरिडीह जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निष्पादन और पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। अपराध समीक्षा बैठक के दौरान कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर तीन थाना प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
अपराध समीक्षा बैठक में हुई कार्यों की समीक्षा
जानकारी के अनुसार, एसपी डॉ. विमल कुमार ने जिले के विभिन्न थानों में दर्ज आपराधिक मामलों, अनुसंधान की प्रगति, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और लंबित कांडों की विस्तार से समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कुछ थानों के कार्यों को अपेक्षित स्तर का नहीं पाया गया।
इसके बाद जमुआ थाना प्रभारी विभूति देव, सरिया थाना प्रभारी पिक्कू कुमार तथा थाना प्रभारी शम्भूनाथ ईश्वर को शोकॉज नोटिस जारी किया गया। एसपी ने तीनों अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर होगी कार्रवाई
एसपी ने स्पष्ट किया कि यदि संबंधित अधिकारियों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश
बैठक के दौरान सभी थाना प्रभारियों को लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया गया। एसपी ने कहा कि अपराध नियंत्रण, अनुसंधान की गुणवत्ता और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय पुलिसिंग सुनिश्चित करने, अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और लंबित मामलों को समयबद्ध तरीके से निष्पादित करने का निर्देश दिया।
जवाबदेह पुलिसिंग की दिशा में अहम कदम
पुलिस विभाग के अधिकारियों का मानना है कि एसपी की यह कार्रवाई जिले में जवाबदेह और परिणामोन्मुख पुलिसिंग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के बीच यह स्पष्ट संदेश गया है कि कार्यों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि नियमित समीक्षा और जवाबदेही तय होने से न केवल लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी, बल्कि जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में भी मदद मिलेगी।
