झारखंड में गर्मी ने बढ़ाई लोगों की परेशानी

रांची : झारखंड में मई महीने की भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। राज्य के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।

दोपहर के समय सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं और लोग केवल जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और मजदूर वर्ग को हो रही है।

शनिवार को मेदिनीनगर राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को किया अलर्ट

भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी गांव, टोला या मोहल्ले में पानी की किल्लत नहीं होनी चाहिए और इसके लिए प्रशासन लगातार निगरानी रखे।

खराब चापाकलों की जल्द होगी मरम्मत

मुख्यमंत्री ने खराब पड़े चापाकलों की जल्द मरम्मत कराने का भी निर्देश दिया है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में वैकल्पिक जल व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया गया है, ताकि लोगों को पानी के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।

कई जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार 24 और 25 मई को रांची, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़ और बोकारो में दोपहर बाद तेज हवा चलने और हल्की बारिश होने की संभावना है।

वहीं गिरिडीह, धनबाद, देवघर, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, वज्रपात और बारिश की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

29 मई तक बदला रहेगा मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक 26 मई को राज्य के उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों, खासकर पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में गरज के साथ तेज हवा और वज्रपात हो सकता है।

विभाग के अनुसार मौसम का यह बदला हुआ मिजाज 29 मई तक बना रह सकता है।

अंडमान पहुंचा मॉनसून, जल्द झारखंड में दस्तक

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अंडमान-निकोबार पहुंच चुका है और 26 मई तक इसके केरल पहुंचने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि झारखंड में मॉनसून 7 से 10 जून के बीच संताल परगना के रास्ते प्रवेश कर सकता है। मॉनसून के आगमन के बाद लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

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