रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान में आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। संस्थान के निदेशक डॉ. डी.के. सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में चिकित्सा अधीक्षक, आयुष्मान भारत के नोडल पदाधिकारी, विभिन्न क्लीनिकल विभागों के विभागाध्यक्ष तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

ऑनलाइन हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम पर जोर

बैठक के दौरान सी-डैक द्वारा विकसित ऑनलाइन हॉस्पिटल इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम की प्रगति की समीक्षा की गई। निदेशक ने संबंधित अधिकारियों को सभी लंबित कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।

इसके साथ ही रिम्स के सभी विभागों में मरीजों की भर्ती और छुट्टी की प्रक्रिया को शत-प्रतिशत ऑनलाइन लागू करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि अस्पताल की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बन सके।

अधिक मरीजों तक पहुंचे आयुष्मान भारत योजना का लाभ

बैठक में आयुष्मान भारत योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र मरीजों को लाभ पहुंचाने और उपचार सेवाओं का दायरा बढ़ाने पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इसके लिए तकनीकी, प्रशासनिक और मानव संसाधनों को और मजबूत बनाने की रणनीति पर सहमति बनी।

डॉक्टरों और कर्मचारियों को मिलेगा प्रशिक्षण

डिजिटल प्रणाली के सुचारु संचालन के लिए रिम्स प्रबंधन डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य संबंधित कर्मचारियों के लिए चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा। इसका उद्देश्य नई ऑनलाइन प्रक्रियाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना और मरीजों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।

समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं पर जोर

बैठक के अंत में निदेशक डॉ. डी.के. सिन्हा ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य पात्र मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय, डिजिटल प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध कार्य निष्पादन आवश्यक है।

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