रांची: झारखंड की खेल दुनिया के लिए एक ऐतिहासिक अवसर सामने आया है। राजधानी रांची पहली बार देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक Durand Cup की मेजबानी करने जा रही है। संभावित रूप से 26 जुलाई 2026 से शुरू होने वाले इस प्रतिष्ठित आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

इस संबंध में सोमवार को पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के सचिव Mukesh Kumar की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए व्यापक कार्ययोजना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

विश्वस्तरीय आयोजन की तैयारी

बैठक के दौरान स्टेडियम की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था, लॉजिस्टिक प्रबंधन, संचालन संबंधी आवश्यकताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और दर्शकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

सचिव मुकेश कुमार ने कहा कि रांची में पहली बार डूरंड कप का आयोजन झारखंड में फुटबॉल संस्कृति को नई पहचान देने वाला साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन राज्य में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल मुकाबलों की मेजबानी का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।

उद्घाटन समारोह में दिखेगी सेना और झारखंड की संस्कृति की झलक

डूरंड कप 2026 के उद्घाटन समारोह को भव्य और यादगार बनाने की तैयारी की जा रही है। आयोजन में खेल, देशभक्ति, भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं और झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

समारोह के प्रमुख आकर्षणों में भारतीय सशस्त्र बलों के विशेष प्रदर्शन, आर्मी बैंड की प्रस्तुति और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे। इसके अलावा झारखंड की लोक एवं जनजातीय नृत्य परंपराओं की भव्य प्रस्तुति राज्य की सांस्कृतिक विविधता को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करेगी।

झारखंड को मिलेगा राष्ट्रीय पहचान का मंच

अधिकारियों का मानना है कि डूरंड कप जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी से झारखंड को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। इससे राज्य में खेल पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय खिलाड़ियों को प्रेरणा प्राप्त होगी।

सचिव ने सभी संबंधित विभागों और हितधारकों को समयबद्ध तरीके से सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, अधिकारियों, फुटबॉल प्रेमियों और दर्शकों को एक यादगार अनुभव प्रदान करना आयोजन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

बैठक में खेलकूद एवं युवा कार्य निदेशालय के निदेशक छवि रंजन, संस्कृति निदेशालय के निदेशक आसिफ एकराम, डूरंड कप के नोडल आर्मी अधिकारी कर्नल हेम चंद्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन को सफल और ऐतिहासिक बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की प्रतिबद्धता जताई।

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