रांची: भू-राजस्व मामलों में लगातार मिल रही शिकायतों को लेकर रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री सख्त नजर आए। समाहरणालय में आयोजित समीक्षात्मक बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लापरवाही पर कार्रवाई, कर्मचारी निलंबित

बैठक में उपायुक्त ने अंचल कार्यालयों में मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कोई भी अंचल अधिकारी, राजस्व कर्मचारी या सीआई भूमाफियाओं के साथ सांठगांठ में शामिल पाए गए तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

इसी क्रम में कांके अंचल में अवैध बाउंड्री वॉल निर्माण के मामले में एक राजस्व कर्मचारी को निलंबित करने का आदेश दिया गया।

दाखिल-खारिज मामलों की समीक्षा

बैठक में लंबित दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। अंचलवार लंबित आवेदनों की स्थिति पर असंतोष जताते हुए संबंधित कर्मियों से जवाब मांगा गया।

अनगड़ा अंचल में 90 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों को समय पर निष्पादित नहीं करने पर संबंधित कर्मचारी को शोकॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने 10 डिसमिल से कम जमीन के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से निष्पादित करने के निर्देश दिए।

रिजेक्ट मामलों की भी होगी जांच

रिजेक्ट किए गए म्यूटेशन मामलों की भी समीक्षा करने का आदेश दिया गया है। प्रत्येक अंचल से 10 मामलों का रैंडम चयन कर जांच की जाएगी। गलत तरीके से आवेदन खारिज पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई तय है।

प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश

उपायुक्त ने पंजी-2 में सुधार को लेकर भी सख्ती दिखाई और सभी अंचल अधिकारियों को पिछले दो महीनों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि तकनीकी कारणों से म्यूटेशन लंबित हैं, तो इसकी समय पर सूचना दी जाए, ताकि शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

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