रांची: रांची स्थित बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर एयर कार्गो सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। एयर इंडिया सेट्स ने वर्ष 2027 तक यहां प्रतिवर्ष 20 हजार मीट्रिक टन एयर कार्गो हैंडलिंग का लक्ष्य निर्धारित किया है। पूर्वी भारत में औद्योगिक, कृषि और ई-कॉमर्स क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए कंपनी अपनी कार्गो क्षमता और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने में जुटी है।
कार्गो हैंडलिंग में लगातार हो रही बढ़ोतरी
कंपनी के अनुसार, इस वर्ष अब तक रांची एयरपोर्ट पर 7,992 मीट्रिक टन कार्गो की हैंडलिंग की जा चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2024 में जहां औसतन 850 मीट्रिक टन कार्गो प्रति माह हैंडल किया जाता था, वहीं वर्ष 2025 में यह बढ़कर करीब 900 मीट्रिक टन प्रति माह पहुंच गया है।
स्थानीय उद्योगों और निर्यातकों को मिलेगा लाभ
वर्ष 2024 में संचालन शुरू करने के बाद से एयर इंडिया सेट्स स्थानीय उद्योगों, निर्यातकों और व्यापारियों को आधुनिक एवं विश्वसनीय एयर कार्गो सेवाएं उपलब्ध करा रही है। कंपनी के चीफ ऑपरेशनल ऑफिसर सलीम चौधरी ने बताया कि वर्तमान में रांची एयरपोर्ट की वार्षिक कार्गो हैंडलिंग क्षमता 18,250 मीट्रिक टन है।
उन्होंने कहा कि रांची तेजी से एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यहां फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, मोबाइल, दवाएं, कृषि उपज, वस्त्र और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में बड़ी संभावनाएं हैं। बेहतर एयर कार्गो सुविधाओं के माध्यम से इन उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
किसानों को भी मिलेगा बड़ा अवसर
कार्गो सेवाओं के विस्तार को लेकर कंपनी ने चैंबर ऑफ कॉमर्स, एयरपोर्ट प्रबंधन, कार्गो एजेंटों, फ्रेट फॉरवर्डर्स और विभिन्न व्यापारिक संगठनों के साथ व्यापक चर्चा की है।
एयर इंडिया सेट्स के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट शैलेश कुमार ने बताया कि रांची से वर्तमान में फ्रेंचबीन, मटर और टमाटर जैसी ताजी सब्जियां देश के विभिन्न राज्यों में भेजी जाती हैं। वहीं, फिलहाल धनिया पत्ती की आपूर्ति बेंगलुरु से हो रही है। किसानों को जागरूक कर स्थानीय स्तर पर धनिया सहित अन्य बागवानी फसलों का उत्पादन बढ़ाने और उन्हें एयर कार्गो के माध्यम से देशभर के बाजारों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
एयर कार्गो क्षमता बढ़ने से रांची और आसपास के क्षेत्रों के उद्योगों, किसानों, निर्यातकों और व्यापारियों को तेज एवं विश्वसनीय परिवहन सुविधा मिलेगी। इससे न केवल स्थानीय उत्पादों को नए बाजार मिलेंगे, बल्कि क्षेत्र में व्यापार, निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।
