रांची: पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर देशव्यापी अभियान चलाने की घोषणा की है। रांची में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही विश्व का आध्यात्मिक केंद्र रहा है, जहां अनेक संतों और महापुरुषों ने मानवता को सत्य, सेवा, समरसता और सदाचार का मार्ग दिखाया। संत गुरु रविदास का जीवन और उनके विचार आज भी समाज को समानता, भाईचारे और मानव कल्याण का संदेश देते हैं।
अर्जुन मुंडा ने बताया कि संत रविदास की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में 29 जुलाई (गुरु पूर्णिमा) से 20 फरवरी तक देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।
गुरु पूर्णिमा से होगी अभियान की शुरुआत
उन्होंने बताया कि अभियान के पहले दिन 29 जुलाई को देशभर के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर ‘समरसता के दीप’ जलाए जाएंगे। इसके साथ ही ‘कलश बंधन अभियान’ भी शुरू होगा, जिसके तहत संत रविदास की जन्मस्थली वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर से पवित्र मिट्टी लाकर जिला और मंडल स्तर तक पहुंचाई जाएगी।
सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना को मिलेगा बढ़ावा
अर्जुन मुंडा ने कहा कि यह अभियान केवल जयंती समारोह तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका उद्देश्य भारत की आध्यात्मिक विरासत, सेवा भावना और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है। उन्होंने लोगों से संत रविदास के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाज में समानता एवं भाईचारे का संदेश फैलाने का आह्वान किया।

