रांची: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। निर्वाचन विभाग 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित करेगा। इस सूची से विभिन्न कारणों के आधार पर 40,04,817 मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे। घर-घर सत्यापन और इन्यूमरेशन फॉर्म की जांच के बाद यह कार्रवाई की जा रही है।

इन कारणों से हटेंगे 40 लाख से अधिक नाम

निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में कुल 2,64,63,236 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें से:

  • 15,12,910 मतदाता स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं।
  • 12,77,539 मतदाताओं का पता सत्यापन के दौरान नहीं चल सका या वे लंबे समय से अपने पते पर अनुपस्थित पाए गए।
  • 7,43,658 मतदाताओं के निधन की पुष्टि हुई।
  • 4,09,474 मतदाताओं के नाम अन्य स्थानों की मतदाता सूची में भी दर्ज मिले।
  • 61,236 लोगों ने इन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।

इन सभी श्रेणियों के मतदाताओं के नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे।

24 जिलों और 81 विधानसभा क्षेत्रों में चला अभियान

निर्वाचन विभाग के मुताबिक, राज्यभर के 24 जिलों और 81 विधानसभा क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान 2,64,54,725 मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराया गया, जिनमें से 2,18,55,891 भरे हुए और हस्ताक्षरित फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है।

5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में इन्हीं मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएंगे। जिन 40,04,817 मतदाताओं के फॉर्म विभिन्न कारणों से प्राप्त नहीं हो सके, उन्हें अनकलेक्टेबल श्रेणी में रखा गया है।

प्रारूप सूची के बाद मिलेगा दावा-आपत्ति का अवसर

प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद निर्वाचन विभाग दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर देगा। इस दौरान पात्र नागरिक नए नाम जोड़ने, किसी प्रकार की त्रुटि में सुधार कराने या गलत तरीके से हटाए गए नामों को दोबारा शामिल कराने के लिए निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।

निर्वाचन विभाग का कहना है कि इस विशेष पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य अंतिम मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है।

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