रांची: मानसून की दस्तक से पहले राजधानी रांची के जलजमाव प्रभावित क्षेत्रों में नगर निगम ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में रविवार सुबह नगर आयुक्त सुशांत गौरव अधिकारियों की टीम के साथ पंचशील नगर पहुंचे और इलाके की जल निकासी व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नालियों की स्थिति, जलभराव वाले स्थानों और जल निकासी में बाधा उत्पन्न कर रहे अतिक्रमणों की समीक्षा की।

नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं ताकि बारिश के दौरान लोगों को जलजमाव की समस्या का सामना न करना पड़े।

अस्थायी नहीं, स्थायी समाधान पर जोर

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने कहा कि पंचशील नगर में हर वर्ष होने वाली जलजमाव की समस्या का समाधान केवल अस्थायी उपायों से संभव नहीं है। इसके लिए उन मूल कारणों को समाप्त करना होगा, जिनकी वजह से पानी का प्राकृतिक बहाव बाधित होता है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल निकासी व्यवस्था को प्रभावित करने वाले अतिक्रमणों और अवैध निर्माणों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके।

दो दिनों से चल रहा है निरीक्षण अभियान

नगर निगम की टीम शनिवार को भी पंचशील नगर पहुंची थी। उस दौरान विभिन्न इलाकों का निरीक्षण कर जलजमाव के कारणों का अध्ययन किया गया था। रविवार को नगर आयुक्त ने दोबारा दौरा कर स्थिति की समीक्षा की और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण में यह सामने आया कि कई स्थानों पर नालियों और प्राकृतिक जल निकासी मार्गों पर निर्माण कार्य और अतिक्रमण किए गए हैं, जिससे बारिश का पानी समय पर नहीं निकल पाता और पूरे क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बन जाती है।

23 भवन मालिकों को जारी किया गया नोटिस

जांच के बाद नगर निगम ने ऐसे 23 भवनों की पहचान की है, जिनके निर्माण से जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। इन भवन मालिकों को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर स्वीकृत भवन मानचित्र और अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 और झारखंड भवन उपविधि 2016 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुराने जलाशय क्षेत्र में विकसित हुआ है इलाका

स्थानीय लोगों के अनुसार पंचशील नगर का एक बड़ा हिस्सा पुराने जलाशय और प्राकृतिक जल निकासी क्षेत्र पर विकसित हुआ है। समय के साथ हुए निर्माण और अतिक्रमण के कारण पानी के बहाव के रास्ते संकरे होते गए, जिसके चलते हर मानसून में इलाके को जलजमाव की समस्या का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार घंटों तक पानी जमा रहने से आवागमन बाधित हो जाता है और सामान्य जनजीवन प्रभावित होता है।

स्थायी समाधान के लिए बनेगी उच्चस्तरीय समिति

नगर आयुक्त ने पंचशील नगर की समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्देश दिया है। यह समिति क्षेत्र के भूगोल, जल निकासी तंत्र और अतिक्रमण की स्थिति का अध्ययन करेगी।

समिति यह भी जांच करेगी कि किन स्थानों पर निर्माण कार्यों ने प्राकृतिक जल प्रवाह को प्रभावित किया है तथा भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

10 करोड़ रुपये की आरसीसी नाली परियोजना को मिली गति

जलजमाव की समस्या से राहत दिलाने के लिए नगर निगम की इंजीनियरिंग शाखा ने लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से आरसीसी नाली निर्माण का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया है। नगर आयुक्त ने इस परियोजना को जल्द शुरू करने का निर्देश दिया है।

अधिकारियों का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद पंचशील नगर में वर्षा जल निकासी व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा और जलभराव की समस्या काफी हद तक कम हो सकेगी।

मानसून से पहले तेज होगी कार्रवाई

नगर निगम ने संकेत दिए हैं कि पंचशील नगर में शुरू किया गया यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जल निकासी में बाधा बनने वाले अतिक्रमणों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी और शहर के अन्य जलजमाव प्रभावित क्षेत्रों का भी सर्वेक्षण कराया जाएगा।

नगर आयुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि वे नालियों और जल निकासी मार्गों पर अतिक्रमण न करें तथा कचरा फेंककर व्यवस्था को बाधित न करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और नागरिकों के संयुक्त प्रयास से ही रांची को जलजमाव की समस्या से स्थायी राहत दिलाई जा सकती है।

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