रांची: झारखंड की राजधानी रांची में कांके राम मंदिर से जस्टिस एलपीएन शाहदेव चौक, रातू रोड चौक, हरमू बाइपास होते हुए प्रोजेक्ट भवन, धुर्वा तक के पूरे मार्ग को अतिक्रमण मुक्त, जाम मुक्त, सुरक्षित, स्वच्छ और हरित बनाने की दिशा में नगर निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

मॉडल शहरी कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा मार्ग

बैठक में स्पष्ट किया गया कि अभियान का उद्देश्य केवल अवैध अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि सड़क, फुटपाथ, पार्किंग, ऑटो स्टैंड, वेंडिंग जोन और अन्य सार्वजनिक स्थलों का वैज्ञानिक एवं सुव्यवस्थित प्रबंधन सुनिश्चित करना भी है।

नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान को चरणबद्ध, समयबद्ध और योजनाबद्ध तरीके से संचालित किया जाए, ताकि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण की समस्या उत्पन्न न हो। रांची नगर निगम इस पूरे मार्ग को राजधानी के मॉडल शहरी कॉरिडोर के रूप में विकसित करेगा।

तीन विशेष टीमें करेंगी निगरानी

इस परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया जाएगा। ये टीमें अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ सड़क, फुटपाथ, यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं से जुड़े अन्य पहलुओं की भी निगरानी करेंगी तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी।

फुटपाथ निर्माण और अतिक्रमण का होगा सर्वे

नगर आयुक्त ने अभियंत्रण शाखा को निर्देश दिया कि हरमू बाइपास सहित पूरे कॉरिडोर का सर्वेक्षण कर जहां फुटपाथ उपलब्ध नहीं हैं, वहां नए फुटपाथ बनाए जाएं। जिन स्थानों पर अतिक्रमण या अन्य कारणों से फुटपाथ बाधित हैं, उन्हें तत्काल खाली कराया जाए।

वहीं, भू-संपदा शाखा को कांके राम मंदिर चौक से प्रोजेक्ट भवन तक सड़क के दोनों किनारों का विस्तृत मापी सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया गया है। इस सर्वे के माध्यम से सरकारी भूमि या सड़क पर किए गए अवैध अतिक्रमण की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

वॉल पेंटिंग और हरित विकास पर रहेगा जोर

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पूरे कॉरिडोर में आवश्यकता के अनुसार वर्टिकल गार्डन, ग्रीन पैच, आकर्षक वॉल पेंटिंग और अन्य सौंदर्यीकरण कार्य किए जाएंगे, ताकि यह मार्ग स्वच्छ, पर्यावरण अनुकूल और आकर्षक स्वरूप में विकसित हो सके।

इसके अलावा नागा बाबा खटाल सब्जी मार्केट के समीप रांची नगर निगम की भूमि पर एक स्थायी ऑटो स्टैंड विकसित करने के भी निर्देश दिए गए हैं, जिससे यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।

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