मुजफ्फरपुर : बिहार के मुजफ्फरपुर शहर से गुरुवार तड़के एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। ब्रह्मपुरा इलाके स्थित प्रसिद्ध प्रसाद हॉस्पिटल में देर रात अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटों और घने धुएं ने कुछ ही देर में अस्पताल के आईसीयू वार्ड को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के समय आईसीयू समेत विभिन्न वार्डों में दो दर्जन से अधिक मरीज भर्ती थे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हादसे में 10 मरीजों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मृतकों की संख्या को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। घटना के बाद अस्पताल परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सुबह तीन बजे मिली आग लगने की सूचना
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सुबह करीब तीन बजे अस्पताल में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। जब राहत दल अस्पताल पहुंचा, तब आईसीयू वार्ड घने धुएं से भरा हुआ था और कई मरीज अंदर फंसे हुए थे।
दमकल कर्मियों ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। अस्पताल की खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर मरीजों को बाहर निकाला गया। बचाव अभियान के दौरान 20 से अधिक मरीजों को सुरक्षित निकालकर शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
पांचवीं मंजिल पर था आईसीयू, बचाव अभियान में आई मुश्किलें
जानकारी के अनुसार अस्पताल का आईसीयू पांचवीं मंजिल पर स्थित था, जबकि मरीजों के परिजनों के बैठने का वेटिंग हॉल चौथी मंजिल पर था। ऊपरी मंजिल पर आग लगने और धुएं के तेजी से फैलने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
इसके बावजूद दमकल कर्मियों, अस्पताल कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से कई मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद हादसे के कारणों और संभावित जिम्मेदारियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मरीजों और परिजनों में मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आईसीयू से धुआं निकलता देख अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। चारों ओर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल था।
अस्पताल कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने साहस का परिचय देते हुए कई मरीजों को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की तथा घायलों को बेहतर इलाज के लिए अन्य अस्पतालों में भेजने की व्यवस्था की।
मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया जारी
हादसे में जान गंवाने वाले मरीजों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है।
जांच पूरी होने के बाद हादसे के वास्तविक कारणों और उससे जुड़े तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है। फिलहाल पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।
