धनबाद : झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए राज्यभर में कई वरीय अधिकारियों का तबादला किया है। इस बदलाव का असर धनबाद विद्युत आपूर्ति अंचल पर भी पड़ा है। निगम मुख्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार धनबाद विद्युत आपूर्ति अंचल के अधीक्षण अभियंता सवनीन्द्र कुमार कश्यप का तबादला रांची कर दिया गया है।
उन्हें तत्काल प्रभाव से रांची स्थित निगम मुख्यालय में उप महाप्रबंधक (ग्रामीण परियोजना)-I के पद पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभागीय स्तर पर इसे अहम नियुक्ति माना जा रहा है।
ग्रामीण बिजली योजनाओं को मिलेगी रफ्तार
जानकारी के मुताबिक सवनीन्द्र कुमार कश्यप को ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था मजबूत करने और चल रही योजनाओं को गति देने की जिम्मेदारी दी गई है। विभाग का फोकस गांवों में बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने और अधूरी परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने पर है।
अधिकारियों का मानना है कि अनुभवी अधिकारियों की तैनाती से ग्रामीण बिजली व्यवस्था में सुधार होगा और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
कई अन्य अधिकारियों का भी हुआ तबादला
जेबीवीएनएल के इस प्रशासनिक फेरबदल में सिर्फ धनबाद ही नहीं, बल्कि राज्य के कई अन्य जिलों के अधिकारियों के पद भी बदले गए हैं। गिरिडीह राजस्व क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता प्रवीण उरांव का तबादला कर उन्हें देवघर विद्युत आपूर्ति अंचल का नया अधीक्षण अभियंता बनाया गया है।
इसके अलावा मुख्यालय स्तर पर कई महाप्रबंधकों और उप महाप्रबंधकों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
बड़ी योजनाओं को समय पर पूरा करने पर जोर
विभागीय सूत्रों के अनुसार यह फेरबदल मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना और आरडीएसएस जैसी बड़ी बिजली योजनाओं को तेजी से पूरा करने के उद्देश्य से किया गया है।
सरकार चाहती है कि बिजली से जुड़ी सभी योजनाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी हों और उपभोक्ताओं को बेहतर एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके। इसी रणनीति के तहत अनुभवी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।
धनबाद में नए अधिकारी की नियुक्ति पर नजर
सवनीन्द्र कुमार कश्यप के रांची स्थानांतरण के बाद अब धनबाद विद्युत आपूर्ति अंचल में नए अधीक्षण अभियंता की नियुक्ति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विभाग के भीतर इसे लेकर हलचल बढ़ गई है और जल्द नए अधिकारी की पोस्टिंग होने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल विभागीय अधिकारी इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बता रहे हैं, लेकिन इस फेरबदल को विभाग के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
