रांची : दक्षिणी झारखंड के विकास इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है। वर्षों से प्रत्यक्ष रेल संपर्क की मांग कर रहे गुमला, लोहरदगा, जशपुर और आसपास के लाखों लोगों का सपना अब साकार होने की दिशा में आगे बढ़ चुका है। केंद्र सरकार ने लोहरदगा से गुमला होते हुए छत्तीसगढ़ के धरमजयगढ़ तक नई रेलवे लाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी परियोजना को अधिसूचित कर दिया है।

यह परियोजना लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत के लगातार प्रयासों और रेल मंत्रालय के समक्ष की गई पैरवी का परिणाम मानी जा रही है। रेल मंत्रालय के अधीन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा इस परियोजना को सार्वजनिक उद्देश्य और राष्ट्रीय अवसंरचना विकास के तहत स्वीकृति प्रदान की गई है।

291.881 किलोमीटर लंबी होगी नई रेल लाइन

प्रस्तावित रेल परियोजना की कुल लंबाई 291.881 किलोमीटर होगी। यह रेल मार्ग झारखंड और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों को सीधे जोड़ने का कार्य करेगा। माना जा रहा है कि इससे क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

स्थानीय लोगों ने इस परियोजना को क्षेत्र के विकास का टर्निंग पॉइंट बताते हुए सांसद सुखदेव भगत के प्रति आभार व्यक्त किया है।

संसद में कई बार उठाई गई थी मांग

सांसद सुखदेव भगत ने अपने कार्यकाल के दौरान गुमला को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग को लगातार प्रमुखता से उठाया। उन्होंने संसद में इस विषय को कई बार उठाते हुए केंद्रीय रेल मंत्री का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था।

उन्होंने बताया था कि गुमला जिला परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का की जन्मस्थली है। इसके अलावा आंजन धाम, सीरा सीता नाला और टांगीनाथ जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल इस क्षेत्र की पहचान हैं। बेहतर रेल संपर्क से इन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

लोहरदगा से धरमजयगढ़ तक बनेंगे कई नए स्टेशन

रेल मंत्रालय द्वारा तैयार ब्लूप्रिंट के अनुसार यह रेल लाइन लोहरदगा से शुरू होकर सेन्हा, घाघरा, टोटो, गुमला और रायडीह के पोगरा क्षेत्र से होकर गुजरेगी। मार्ग में कई नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा।

इसके बाद रेल लाइन छत्तीसगढ़ में प्रवेश करेगी और लोदाम, जशपुर सहित अन्य क्षेत्रों को जोड़ते हुए धरमजयगढ़ तक पहुंचेगी। इससे दोनों राज्यों के दूरदराज और अब तक रेल संपर्क से वंचित क्षेत्रों को सीधे राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी।

व्यापार और उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ

नई रेलवे लाइन शुरू होने के बाद क्षेत्र के लोगों को रांची, कोलकाता, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों की यात्रा के लिए दूसरे जिलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

इसके अलावा कृषि और खनिज संपदा से समृद्ध इस क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। कृषि उत्पाद, फल-सब्जियां और अन्य स्थानीय उत्पाद कम समय में बड़े बाजारों तक पहुंच सकेंगे। इससे किसानों की आय बढ़ने और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।

पर्यटन और रोजगार के नए अवसर

विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर रेल संपर्क से क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। आंजन धाम, टांगीनाथ और अन्य धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सकती है।

साथ ही होटल, परिवहन, पर्यटन और सेवा क्षेत्र में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और पलायन की समस्या में भी कमी आ सकती है।

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