रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित सहायक आचार्य परीक्षा में मार्क्स नॉर्मलाइजेशन को लेकर उठे विवाद पर झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। अदालत ने आयोग को निर्देश दिया है कि वह निर्धारित तिथि से पहले अपना जवाब दाखिल करे।

हाई कोर्ट ने मांगा काउंटर एफिडेविट

शुक्रवार को न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान जेएसएससी को काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया गया। साथ ही सभी संबंधित याचिकाओं को 13 मई को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

अभ्यर्थियों ने उठाए गंभीर सवाल

याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि सहायक आचार्य परीक्षा (विज्ञापन संख्या 13/2023) में मार्क्स का नॉर्मलाइजेशन गलत तरीके से किया गया है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और नॉर्मलाइजेशन का तरीका भी स्पष्ट नहीं किया गया।

परिणाम पर पड़ा असर

अभ्यर्थियों के अनुसार, गलत नॉर्मलाइजेशन के कारण कई उम्मीदवारों के परिणाम प्रभावित हुए हैं, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने अदालत से आग्रह किया है कि आयोग को सही तरीके से नॉर्मलाइजेशन कर परिणाम पुनः जारी करने का निर्देश दिया जाए।

13 मई की सुनवाई पर टिकी निगाहें

इस मामले में अब अगली सुनवाई 13 मई को होगी, जहां अदालत आगे की कार्रवाई और दिशा तय कर सकती है। इस फैसले का असर हजारों अभ्यर्थियों पर पड़ने की संभावना है, जो इस परीक्षा के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार, अधिवक्ता चंचल जैन, अमृतांश वत्स और शुभम मिश्रा उपस्थित रहे।

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