रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग ने सिविल जज (जूनियर डिविजन) प्रारंभिक परीक्षा 2024 को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच फाइनल आंसर-की जारी कर दी है। आयोग के इस फैसले के बाद अब अभ्यर्थियों की निगाहें संशोधित परिणाम, नई कटऑफ और मेरिट लिस्ट पर टिकी हुई हैं।
आयोग ने सिविल जज (जूनियर डिविजन) के 138 पदों पर नियुक्ति के लिए 10 मार्च 2024 को प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा के बाद आयोग ने तीन बार मॉडल उत्तर जारी किए थे और 2 जुलाई 2024 को प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम तथा कटऑफ प्रकाशित किया था। उस समय कुल 1797 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था।
मॉडल उत्तर और आरक्षण को लेकर शुरू हुआ विवाद
परिणाम जारी होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने मॉडल उत्तर में त्रुटियों की शिकायत की थी। इसके साथ ही आरक्षण नीति और दिव्यांग कोटा को लेकर भी सवाल उठाए गए। मामला धीरे-धीरे कानूनी विवाद में बदल गया और झारखंड हाईकोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।
अभ्यर्थियों का आरोप था कि न्यायालय के निर्देशों के बावजूद आयोग संशोधित परिणाम जारी करने में देरी कर रहा है। इसी मामले को लेकर आयोग के खिलाफ अवमानना याचिका भी दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने आयोग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कड़ी टिप्पणी की थी। विवाद के कारण मुख्य परीक्षा की प्रक्रिया भी लंबे समय तक अटकी रही।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद जारी हुई फाइनल आंसर-की
सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी 2026 को आयोग को संशोधित परिणाम जारी करने का निर्देश दिया था। इसके बाद सोमवार को जेपीएससी ने फाइनल आंसर-की जारी कर दी।
नई आंसर-की में 100 प्रश्नों में से पांच प्रश्नों के उत्तरों में बदलाव किया गया है, जबकि दो प्रश्नों को पूरी तरह से हटाया गया है। इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के प्राप्तांक और मेरिट सूची प्रभावित हो सकती है।
फाइनल आंसर-की में यह भी सामने आया कि तीन ऐसे प्रश्न थे, जिनके सभी विकल्प गलत थे। ऐसे मामलों में आयोग ने सभी अभ्यर्थियों को समान लाभ देने का निर्णय लिया है। इन तीनों प्रश्नों के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को एक-एक अंक प्रदान किया जाएगा।
अब संशोधित रिजल्ट और नई मेरिट लिस्ट का इंतजार
फाइनल आंसर-की जारी होने के बाद अब आयोग को संशोधित परिणाम, नई कटऑफ और मेरिट सूची जारी करनी होगी। इसके बाद मुख्य परीक्षा की नई तिथि की घोषणा किए जाने की संभावना है।
करीब दो वर्षों से भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि अब चयन प्रक्रिया में तेजी आएगी और मुख्य परीक्षा का रास्ता साफ होगा।
अगस्त 2023 से चल रही है भर्ती प्रक्रिया
सिविल जज (जूनियर डिविजन) भर्ती प्रक्रिया अगस्त 2023 से संचालित की जा रही है। कुल 138 रिक्त पदों में 60 पद अनारक्षित वर्ग के लिए निर्धारित हैं।
इसके अलावा 28 पद अनुसूचित जनजाति, 12 पद अनुसूचित जाति, 10 पद पिछड़ा वर्ग-1, 15 पद पिछड़ा वर्ग-2 तथा 13 पद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
करीब दो साल से जारी इस भर्ती प्रक्रिया में फाइनल आंसर-की का प्रकाशन एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। अब हजारों अभ्यर्थियों को संशोधित परिणाम और मुख्य परीक्षा की तिथि की घोषणा का इंतजार है।

