रांची: जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में 14 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का रास्ता खुल गया। सरकार की आपत्ति के बाद छात्रों ने वार्ता के लिए गठित 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से तीन गैर-छात्र सदस्यों को हटा दिया। इसके बाद सरकार की ओर से भी वार्ता में देरी नहीं हुई और शाम करीब 7:30 बजे बातचीत शुरू हुई। करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में छात्रों ने अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं।

वार्ता के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई। छात्रों ने अपनी मांगों को विस्तार से रखा है और सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है।

ठोस निर्णय नहीं हुआ तो 10 अगस्त को विधानसभा घेराव

वार्ता में शामिल छात्र प्रतिनिधि रविंद्र पासवान ने बताया कि छात्रों ने सरकार को अपना मांग पत्र सौंप दिया है। मंत्रियों ने आश्वासन दिया है कि छात्रों की मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने माना है कि यह मुद्दा केवल वर्तमान छात्रों का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है।

रविंद्र पासवान ने स्पष्ट किया कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम किया जाएगा। तब तक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन जारी रहेगा।

वार्ता के बाद मुख्यमंत्री से मिले मंत्री

स्टेट गेस्ट हाउस में छात्रों के साथ वार्ता के बाद चारों मंत्री सीधे कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बैठक की जानकारी दी।

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि छात्रों के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है। छात्रों ने जेपीएससी से जुड़े कुछ तकनीकी मुद्दे भी उठाए हैं। इन बिंदुओं को लिखित रूप में देने के लिए छात्रों से कहा गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ दूसरे दौर की वार्ता भी संभावित है।

मुख्यमंत्री बोले- सरकार का दरवाजा खुला है

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को विधानसभा में छात्रों के आंदोलन से जुड़े सवाल पर कहा कि छात्र सरकार को अपने सुझाव दें। सरकार ने उन्हें अपनी बात रखने के लिए सभी जरूरी मंच उपलब्ध कराए हैं और वह छात्रों की हर समस्या को समझना चाहती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहती है और उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों की जरूरतों, चिंताओं और उम्मीदों के अनुरूप व्यापक सुधार की दिशा में सरकार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि रांची में आंदोलन कर रहे युवाओं के साथ-साथ राज्य के विभिन्न जिलों में रहने वाले छात्र-छात्राओं के सुझाव भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। सरकार सभी जिलों के छात्रों की राय और सुझाव प्राप्त करेगी, ताकि समाधान व्यापक और समावेशी हो सके।

मुख्यमंत्री के अनुसार, जल्द ही राज्य और देशभर के छात्रों, शिक्षाविदों तथा नीति-निर्माताओं के सुझाव एकत्र किए जाएंगे। इसके आधार पर समयबद्ध तरीके से आवश्यक सुधार और सकारात्मक बदलाव की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

14 दिनों से जारी है छात्र आंदोलन

जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के बैनर तले जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र 14 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी 14वीं जेपीएससी समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, विवादित परीक्षाओं को लेकर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

सरकार और छात्रों के बीच हुई पहली वार्ता के बाद अब सभी की नजरें अगले कदम पर हैं। छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा और 10 अगस्त का विधानसभा घेराव भी किया जाएगा।

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