रांची: जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के विधानसभा घेराव के दौरान सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। विधानसभा के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच भिड़ंत हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।

पुलिस कार्रवाई में दो छात्रों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, जबकि कई अन्य प्रदर्शनकारियों के भी घायल होने की बात कही जा रही है। पुलिस और छात्रों के बीच टकराव के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। तनाव बढ़ने के कारण पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को विधानसभा परिसर की ओर बढ़ने से रोकने के लिए बल प्रयोग किया।

विधानसभा के पास पहुंचते ही बढ़ा तनाव

सोमवार सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे। हाथों में तिरंगा लेकर छात्र अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए आगे बढ़े।

विधानसभा के नजदीक पहुंचने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच स्थिति बिगड़ गई और धक्का-मुक्की के बाद भिड़ंत शुरू हो गई।

प्रदर्शनकारियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। कार्रवाई के दौरान कई प्रदर्शनकारी इधर-उधर भागते नजर आए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू

छात्रों के विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। नए विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किया गया है। हालांकि, झारखंड उच्च न्यायालय को इस प्रतिबंध के दायरे से बाहर रखा गया है।

विधानसभा की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई थी और सुरक्षा बलों की पर्याप्त तैनाती की गई थी। प्रदर्शनकारियों को संवेदनशील क्षेत्र में प्रवेश करने से रोकने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही थी।

छात्रों की मांगों को लेकर जारी है आंदोलन

जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्र पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है। कुछ मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई है, लेकिन छात्रों की ओर से लिखित आदेश और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने का फैसला किया गया है।

विधानसभा घेराव के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद अब छात्र आंदोलन के आगे के रुख और सरकार की प्रतिक्रिया पर सबकी नजर है।

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