रांची: झारखंड विधानसभा घेराव के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने विधानसभा की ओर जाने वाली सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। एहतियात के तौर पर प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग के साथ कंटीले तार भी लगाए गए हैं। जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ राज्य में पिछले 15 दिनों से छात्रों का आंदोलन जारी है।
आंदोलन के दौरान जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो समेत कई छात्र नेता भूख हड़ताल पर बैठे हैं। सरकार और अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों के बीच रविवार को हुई बैठक में कुछ प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बावजूद छात्रों ने पहले से निर्धारित विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रद्द नहीं किया है।
14वीं JPSC PT समेत तीन परीक्षाएं रद्द करने पर सहमति
रविवार को स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। बैठक में 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय समिति से जांच कराने पर सहमति बनने की बात सामने आई है।
आंदोलनकारी समूह के प्रवक्ता रविंद्र रवि के अनुसार, बैठक में 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के अलावा वर्ष 2023 और 2025 की दोनों बैकलॉग परीक्षाओं को भी निरस्त करने का निर्णय लिया गया है।
इसके साथ ही भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित गड़बड़ियों की जांच सीआईडी, प्रवर्तन निदेशालय और सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराने पर भी सहमति बनने की बात कही गई है।
सीबीआई जांच की मांग पर कायम छात्र
हालांकि, छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि वे पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने की मांग से पीछे नहीं हटेंगे। छात्रों का कहना है कि परीक्षा से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच जरूरी है।
इसी मांग को लेकर आंदोलनकारी छात्रों ने सोमवार को पहले से घोषित कार्यक्रम के अनुसार विधानसभा का शांतिपूर्ण घेराव करने का फैसला किया है। प्रशासन ने भी संभावित भीड़ को देखते हुए विधानसभा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
जेपीएससी के तीन सदस्यों का इस्तीफा स्वीकार
इस बीच रविवार को एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने झारखंड लोक सेवा आयोग के तीन सदस्यों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
छात्र आंदोलन के बीच इसे जेपीएससी से जुड़े विवादों के संदर्भ में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
लिखित आदेश तक भूख हड़ताल जारी रखने का ऐलान
मुख्य मांगों पर पूरी तरह सहमति नहीं बनने के कारण आंदोलनकारी छात्रों ने अपना आंदोलन और भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने मंत्रियों की ओर से वीडियो कॉल के जरिए अनशन समाप्त करने की अपील भी ठुकरा दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार की ओर से उनकी मांगों पर लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।
वहीं, विधानसभा घेराव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अब सोमवार को प्रस्तावित छात्र प्रदर्शन के दौरान सरकार और आंदोलनकारियों के बीच आगे की स्थिति क्या रहती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

