रांची: चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में मासूम बच्चों को कथित रूप से संक्रमित खून चढ़ाने के गंभीर मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने दो चिकित्सकों को बड़ी राहत दी है। झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने मामले में आरोपी डॉक्टरों की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें अग्रिम जमानत प्रदान करने का आदेश दिया है।

इन दो डॉक्टरों को मिली अग्रिम जमानत

अदालत से राहत पाने वाले चिकित्सकों में चाईबासा के तत्कालीन सिविल सर्जन एवं ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. सुशांतो कुमार मांझी और ब्लड बैंक के मेडिकल ऑफिसर डॉ. दिनेश चंद्र शामिल हैं।

दोनों डॉक्टरों ने गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग करते हुए झारखंड हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी।

दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आया फैसला

सुनवाई के दौरान डॉक्टरों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रूपेश सिंह और अधिवक्ता हर्षित सहाय ने अदालत में पक्ष रखा। वहीं राज्य सरकार की ओर से भी अपना पक्ष रखा गया।

दोनों पक्षों की दलीलों पर विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने दोनों आरोपित डॉक्टरों की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर उन्हें राहत प्रदान कर दी।

संक्रमित खून चढ़ाने के मामले ने बटोरी थी सुर्खियां

चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक से मासूम बच्चों को कथित रूप से संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने का मामला सामने आने के बाद यह प्रकरण काफी चर्चित हुआ था। मामले की जांच के दौरान संबंधित चिकित्सकों की भूमिका पर सवाल उठे थे, जिसके बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई थी।

अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद दोनों डॉक्टरों को अग्रिम जमानत का लाभ मिल गया है। हालांकि मामले की जांच और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूर्ववत जारी रहेगी।

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