रांची : रांची जेल में महिला कैदी के साथ कथित यौन शोषण के मामले को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने इस घटना को अत्यंत गंभीर मानते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
जेल जैसी सुरक्षित जगह में घटना पर सवाल
अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि जेल जैसी उच्च सुरक्षा वाली जगह में यदि इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, तो यह अत्यंत चिंताजनक है। मामला सामने आने के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है और जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
झारखंड हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने कहा कि जेल प्रशासन की जिम्मेदारी केवल कैदियों को बंद रखना नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
डीजीपी से दो सप्ताह में रिपोर्ट तलब
हाईकोर्ट ने डीजीपी को निर्देश दिया है कि दो सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की जाए। कोर्ट यह जानना चाहता है कि अब तक जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं, किस स्तर पर लापरवाही हुई है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
मानवाधिकार संगठनों की मांग
इस मामले के बाद मानवाधिकार और महिला संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जेल के अंदर भी महिला कैदी सुरक्षित नहीं हैं, तो पूरी सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर समीक्षा आवश्यक है।
सरकार और प्रशासन पर बढ़ा दबाव
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राज्य सरकार और प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ बड़े प्रशासनिक या कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। वहीं विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।

